लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे 11 दिन बाद आखिरकार नागपुर में पकड़ी गई है. दो दिन पहले 18 अक्टूबर को ही उसने लखनऊ के एक मॉल के बेसमेंट में मीडिया से बात किया था. पुलिस उसे पकड़ने के लिए मॉल पहुंची भी थी, लेकिन उससे पहले ही वह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गई. इसके बाद 16 घंटे लगातार सफर करते हुए नागपुर पहुंची और वहां उसने नया ठिकाना बना लिया. इधर, यूपी एसटीएफ भी उसके पीछे लगी थी और नागपुर पहुंचने के महज कुछ ही घंटे के अंदर उसे दबोच लिया.

आपके मन में सवाल उठ सकता है कि आखिर इतनी जल्दी एसटीएफ की टीम श्रद्धा तक कैसे पहुंची? आइए, हम आपको शुरू से आखिर तक उसके सफर की एकएक डिटेल बताते हैं. साथ में ये भी बताते हैं कि नागपुर में वह कैसे अरेस्ट हुई है. यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के मुताबिक श्रद्धा दुबे ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की पूरी कोशिश की, हालांकि इसमें वह कामयाब नहीं हो सकी. एसटीएफ ने उसकी तरह से ही सोचते हुए उसे काबू किया है.
कानपुर के रास्ते भागी नागपुर
एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के मुताबिक श्रद्धा दुबे लखनऊ में बयान देने के बाद टैक्सी में बैठकर फरार हुई थी. वह टैक्सी से कानपुर पहुंची. इस दौरान उसे पकड़े जाने का भय हुआ तो उसने तत्काल टैक्सी छोड़ दी. फिर थोड़ी देर कानपुर में रूककर उसने दूसरी टैक्सी ली और सीधे नागपुर पहुंच गई. नागपुर पहुंचने के बाद भी वह इस टैक्सी को अपने ठिकाने पर नहीं ले गई. बल्कि नागपुर के बस स्टॉप पर ही उसने टैक्सी छोड़ दिया और वहां से ईरिक्शा लेकर अपने ठिकाने तक गई.
हालांकि, श्रद्धा का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वो बुर्का पहनी हुई है. ये वीडियो आगरा का बताया जा रहा है. वीडियो में वो एक होटल में एंट्री करते हुए नजर आ रही है, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि वो नागपुर जाते समय आगरा पहुंची थी या पहले.
सीसीटीवी खंगालते नागपुर पहुंची पुलिस
एसटीएफ चीफ के मुताबिक श्रद्धा दुबे जब लखनऊ से निकली तो पुलिस को इनपुट मिल गया था. पुलिस को यह खबर हो गई थी कि वह कानपुर की ओर भागी है. इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो टैक्सी की डिटेल मिल गई. इसके बाद एसटीएफ टीम टैक्सी का पीछा करते कानपुर पहुंची. फिर वहां कैमरे खंगाले तो पता चला कि उसने दूसरी टैक्सी ली है. इस टैक्सी की डिटेल, टोल नाकों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालते हुए पुलिस नागपुर पहुंची थी.
मैन्युअल सर्विलांस से ठिकाने तक पहुंची पुलिस
नागपुर पहुंचने के बाद लिंक टूट जाने से श्रद्धा एसटीएफ की नजरों से ओझल हो गई. जिस टैक्सी का पीछा करते हुए पुलिस नागपुर पहुंची, उससे भी आगे की कोई जानकारी नहीं मिली. ऐसे में पुलिस ने मैन्युअल सर्विलांस की मदद ली. इससे पता चला कि वह नागपुर बस स्टैंड से ईरिक्शा में सवार होकर अपने नए ठिकाने तक गई है. इसके बाद एसटीएफ की टीम ईरिक्शा चालक की मदद से उसके ठिकाने तक पहुंची और लोकल पुलिस की मदद से उसे अरेस्ट किया.
अब आगे क्या?
एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के मुताबिक नागपुर में श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद लोकल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है. अब यूपी एसटीएफ की टीम उसे सड़क मार्ग से लेकर लखनऊ आ रही है. उम्मीद है कि बुधवार की सुबह तक टीम लखनऊ पहुंच जाएगी. इसके बाद उसे यहां की लोकल कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शिवा शर्मा हत्याकांड में यदि जरूरी हुआ तो कस्टडी रिमांड पर लेकर उससे आगे की पूछताछ की जाएगी.
क्या है पूरा मामला?
लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में बालू अड्डा स्थित ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ में श्रद्धा दुबे का चौथी मंजिल पर फ्लैट है. इसी फ्लैट से 9 अक्टूबर की रात करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा संदिग्ध परिस्थिति में नीचे गिरे थे. इसकी वजह से उनकी मौके पर मौत हो गई थी. उनका शव अंडरवीयर में मिला था. इसके अलावा उनके शरीर पर मिले घाव के निशान को देखते हुए शिवा शर्मा की मां ने श्रद्धा दुबे एवं उसके साथियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था.
50 हजार का है इनाम
एफआईआर होते ही श्रद्धा लखनऊ से फरार हो गई. पुलिस ने उसके पकड़ने की खूब कोशिश की, बावजूद इसके, जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद श्रद्धा ने लखनउ आकर पुलिस की नाक के नीचे मीडिया से बात की. इससे पुलिस की काफी किरकिरी हुई और इनाम की राशि डबल करते हुए मामले की जांच एसटीएफ को दे दी गई. अब एसटीएफ ने उसे अरेस्ट कर लिया है.



