इंडिगो एयरलाइंस को Q1 FY27 में 382 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जिससे शुक्रवार को कंपनी के शेयर 2% से अधिक गिर गए।

382 करोड़ के घाटे के बाद इंडिगो एयरलाइंस की पैरेंट कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में शुक्रवार को गिरावट आ गई। शुरुआती कारोबार में इंडिगो के शेयर 2 फीसदी से ज्यादा टूट गए और 4886 रुपये का निचला स्तर छू लिया। कंपनी के शेयर सुबह 4950 रुपये पर खुले और 4999 रुपये के स्तर पर जाने के बाद फिसल गए।
इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने 23 जुलाई को FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जिसमें कंपनी ने बताया कि उसे 382 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन नेट लॉस हुआ। इससे पहले इसी अवधि में कंपनी को 2,161 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफ़िट हुआ था। हालांकि, Q1FY27 में एयरलाइन का ऑपरेशन से रेवेन्यू 20% बढ़कर ₹24,584 करोड़ रहा।
कच्चे तेल की कीमतें पड़ रही हैं भारी
इंडिगो एयरलाइन ने इस घाटे की मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को बताया। कंपनी के सीईओ राहुल भाटिया ने कहा कि विमान ईंधन की लागत में पिछले साल के मुकाबले 85.7% की भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, रुपये की कमजोरी और डॉलर की मजबूती ने भी खर्चों को बढ़ा दिया। वहीं, पश्चिम एशिया में चल जारी संघर्ष के कारण कंपनी का ऑपरेशन प्रभावित हुआ।
ब्रोकरेज अब भी बुलिश
Q1 के कमजोर नतीजों के बावजूद मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने इंडिगो के स्टॉक पर अपनी “Buy” रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹6,580 रखा है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें लगभग 31% की बढ़त की संभावना है।
मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि उन्हें “इंडिगो की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर भरोसा है, जो भारत की मज़बूत घरेलू मांग और लगातार बढ़ते इंटरनेशनल नेटवर्क पर टिकी है।”
बता दें कि बीती तिमाही में इंडिगो ने 3.13 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवाएं दीं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कंपनी का बेड़ा बढ़कर 432 विमानों का हो गया है। इंडिगो वर्तमान में रोजाना औसतन 2,298 उड़ानों का ऑपरेट कर रही है, जो 97 घरेलू और 46 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ती हैं।



