शुक्रवार सुबह तेल की कीमतों में गिरावट आई और इस हफ़्ते इनमें बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हो रही हैं. वो भी तब जब गुरुवार को ओमान के पास एक कार्गो जहाज़ पर हमला हुआ था और उसके बाद होर्मुज स्ट्रेट से शिपमेंट की आवाजाही कुछ समय के लिए रुक गई थी. उसके बाद रास्ता एक बार फिर से खुल गया.

स्ट्रेट खुलने के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 47 सेंट या 0.62% गिरकर 74.79 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 34 सेंट या 0.47% गिरकर $71.58 प्रति बैरल हो गया.
गुरुवार को ओमान के पास एक अज्ञात चीज के टकराने से एक कार्गो जहाज के क्षतिग्रस्त होने के बाद दोनों बेंचमार्क कॉन्ट्रैक्ट्स में 2 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया था. इस घटना के बाद UN की शिपिंग एजेंसी को अपनी स्वैच्छिक निकासी योजना रोकनी पड़ी थी.
ईरानी अधिकारियों का हमले पर बयान
दो US अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान ने कार्गो जहाज पर तब गोलीबारी की जब वह स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहा था. ईरानी अधिकारियों ने कहा कि होर्मुज के तय रास्तों के बाहर से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं है. IG एनालिस्ट टोनी सिकामोर ने कहा कि कीमतों में भूराजनीतिक जोखिम प्रीमियम के फिर से बढ़ने के साथ, बाज़ार इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या टैंकरों का आवागमन फिर से शुरू होता है या क्या ये नई रुकावटें उत्पादकों को उत्पादन बढ़ाने की योजना को रोकने पर मजबूर करती हैं. इस हफ़्ते ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों में लगभग 7% की गिरावट की संभावना है.
गुरुवार को पीक पर था शिपमेंट
गुरुवार के आंकड़ों से पता चला कि होर्मुज स्ट्रेट से क्रूड का शिपमेंट इस हफ्ते अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. यह स्तर फरवरी में ईरान के साथ USइज़राइली संघर्ष शुरू होने के बाद से सबसे ज़्यादा है, क्योंकि संघर्षविराम समझौते के बाद जलमार्ग फिर से खुल गया था. साथ ही, स्ट्रेट के कब तक खुला रहने की चिंता ने भी व्यापार को बढ़ावा दिया. हालांकि, कुल आवागमन अभी भी 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने से पहले स्ट्रेट से गुजरने वाले रोजाना औसतन 125 जहाजों की तुलना में बहुत कम है.
वेनेजुएला में भूकंप का असर
इस बीच, गुरुवार को वेनेजुएला में आए भूकंपों ने भी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं. वेनेजुएला के विशाल तेल, गैस और रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के कर्मचारियों के शुरुआती आकलन से अब तक सीमित नुकसान का पता चला है, क्योंकि देश के ज़्यादातर बड़े उत्पादन क्षेत्र, रिफाइनरियां, पाइपलाइन और टर्मिनल सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों से दूर हैं. सूत्रों का कहना है कि बिजली की कमी की वजह से इस बात पर शक पैदा हो गया है कि क्या तेल का उत्पादन भूकंप से पहले के स्तर—यानी करीब 12 लाख बैरल रोजाना—पर बनाए रखा जा सकेगा या नहीं.
भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम
वैसे भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 25 मई के बाद से कोई इजाफा देखने को नहीं मिला है. जानकारों की मानें तो जिस तरह से कच्चे तेल की कीमतों में कमी देखने को मिल रही है अनुमान यही है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फ्रीज बटन दबा रहेगा. दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमत क्रमश: 102.12 रुपए 95.20 रुपए प्रति लीटर हैं.
कोलकाता में पेट्रोल के दाम 113.51 रुपए और डीजल की कीमत 99.82 रुपए प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमश: 111.21 रुपए और 97.83 रुपए प्रति लीटर देखने को मिल रहे हैं. जबकि चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107.77 रुपए और डीजल 99.55 रुपए प्रति लीटर पर आ गए हैं. वैसे मई के महीने में फ्यूल की कीमतों में 7 से 8 फीसदी का इजाफा देखने को मिला था.


