Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में आज दोपहर अचानक बिकवाली का तेज तूफान आ गया. कारोबार के शुरुआती घंटों में संभलकर चलने के बाद दोपहर होतेहोते बाजार में भगदड़ मच गई. दोपहर 1:32 बजे तक सेंसेक्स 1,042.86 अंक यानी 1.43 फीसदी का गोता लगाकर 71,595.84 के स्तर पर आ गया. वहीं निफ्टी 50 भी 360.65 अंक यानी 1.59 फीसदी धड़ाम होकर 22,242.40 पर कारोबार करने लगा.

बिकवाली का ये असर सिर्फ फ्रंटलाइन इंडेक्स तक सीमित नहीं रहा. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी है. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,179.40 अंक यानी 1.98 फीसदी लुढ़ककर 58,203.20 के स्तर पर आ गया. वहीं निफ्टी बैंक भी 441.65 अंक यानी 0.80 फीसदी फिसलकर 54,613.90 पर ट्रेड कर रहा था.
दलाल स्ट्रीट में गिरावट की चार मुख्य वजहें
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई बड़े कारण हैं, जिन्होंने मिलकर निवेशकों का मूड खराब कर दिया.
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.02 फीसदी बढ़कर 102.2 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मालवाहक जहाजों पर बढ़ते हमलों के चलते मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की सप्लाई रुकने का खतरा पैदा हो गया है. तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार में महंगाई का डर दोबारा बढ़ा दिया है.
- FIIs की तेज बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा बाहर निकाल रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, केवल बुधवार के कारोबारी सत्र में ही विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट से 6,100 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे. इस बड़ी बिकवाली ने बाजार की कमर तोड़ दी.
- RBI का सख्त रुख: भारतीय रिजर्व बैंक की एमपीसी बैठक में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया गया. ये करीब 4 सालों में पहली बार हुआ है जब ब्याज दरों में इजाफा किया गया है. इसके साथ ही आरबीआई ने अपना रुख ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है. इससे साफ हो गया है कि आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद खत्म हो चुकी है.
अडानी ग्रुप समेत प्रमुख सेक्टर्स में भारी बिकवाली
चौतरफा बिकवाली के इस दौर में अडानी ग्रुप के शेयरों में जोरदार गिरावट आई. निफ्टी 50 में अडानी एंटरप्राइजेज 8 फीसदी टूटकर टॉप लूजर रहा, जबकि अडानी पोर्ट्स में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. अडानी ग्रीन एनर्जी करीब 9 फीसदी नीचे फिसल गया. इसके अलावा अडानी पावर में लगभग 6 फीसदी, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में 5 फीसदी से ज्यादा और अडानी टोटल गैस में करीब 3 फीसदी की कमजोरी दिखी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी मेटल इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा गिरकर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स साबित हुआ. निफ्टी एनर्जी में भी करीब 2 फीसदी की गिरावट आई.
फिनटेक और दिग्गज शेयरों पर भी दबाव
डिजिटल पेमेंट से जुड़ी फिनटेक कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट देखी गई. 15 अक्टूबर से लागू होने वाले यूपीआई मर्चेंट फीस में देरी की खबरों के चलते पेटीएम और मोबिक्विक के शेयर 77 फीसदी तक टूट गए. वहीं पाइन लैब्स के शेयर में 3.1 फीसदी की कमजोरी आई. दूसरी ओर, आईटीसी के शेयर भी 3 फीसदी तक फिसल गए. 12 ब्लॉक डील्स के जरिए कंपनी के करीब 44 लाख शेयरों का सौदा डिस्काउंट पर होने की वजह से शेयर पर बिकवाली का भारी दबाव बना.



