Himachal Se: कानपुर: कानपुर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर क्राइम थाना टीम और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पढ़ेलिखे युवा हैं, जिनमें कोई बीटेक का छात्र है तो कोई इंटरमीडिएट पास है। पढ़ाई और करियर की राह छोड़कर इन युवाओं ने आसान कमाई के लालच में साइबर अपराध का रास्ता चुन लिया।

यूपी: बीटेक छात्र और इंटर पास युवाओं ने चुना साइबर अपराध का रास्ता, बैंक अधिकारी बनकर करते थे लाखों की ठगी​
यूपी: बीटेक छात्र और इंटर पास युवाओं ने चुना साइबर अपराध का रास्ता, बैंक अधिकारी बनकर करते थे लाखों की ठगी​

पुलिस जांच में कई खुलासे

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी पहले फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप तैयार करते थे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद लोगों को फोन कॉल और मैसेज के जरिए संपर्क किया जाता था। आरोपी खुद को बैंक अधिकारी या किसी वित्तीय संस्था का कर्मचारी बताकर लोगों से बात करते थे और उन्हें आकर्षक ऑफर का लालच देते थे।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराने, बड़े डिस्काउंट ऑफर और कैशबैक स्कीम का झांसा देते थे। जब लोग उनके झांसे में आ जाते थे, तब आरोपी KYC अपडेट करने, कार्ड ब्लॉक होने या अन्य तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे।

साइबर अपराधी बड़ी चालाकी से लोगों से ATM कार्ड नंबर, CVV नंबर, OTP और बैंक खाते की महत्वपूर्ण जानकारी ले लेते थे। जैसे ही उन्हें पूरी जानकारी मिलती थी, आरोपी तत्काल पीड़ितों के खातों से रकम निकालकर दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने साइबर ठगी से प्राप्त रकम को ठिकाने लगाने के लिए कई फर्जी बैंक खाते खुलवा रखे थे। इन खातों के माध्यम से रकम अलगअलग स्थानों पर ट्रांसफर की जाती थी और फिर ATM या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए नकदी निकाल ली जाती थी।

बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद 

पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सामान में 10 बैंक पासबुक, 16 चेकबुक, एक लैपटॉप बैग, तीन मोबाइल फोन, कई ATM कार्ड, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और लगभग 29 हजार 300 रुपये नकद शामिल हैं। बरामदगी से साफ है कि गिरोह काफी संगठित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल यादव, रविन्द्र कुमार, राजू उर्फ राजा और उनके एक अन्य साथी के रूप में हुई है। सभी आरोपी कानपुर नगर के अलगअलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए जा रहे हैं।

फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाना कानपुर नगर में मुकदमा दर्ज कर लिया है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।