शिमला। मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा दी गई है। कोर्ट ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुस्कान और साहिल हत्या के बाद हिमाचल घूमने आए थे।

3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या

मामले के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को मेरठ में की गई थी। सौरभ की पत्नी मुस्कान पर अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर हत्या करने का आरोप था। जांच में सामने आया कि पहले सौरभ को खाने में दवा देकर बेहोश किया गया। इसके बाद उस पर चाकू से हमला किया गया। हत्या के बाद शव को बाथरूम में ले जाकर उसके टुकड़े किए गए और नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से छिपा दिया गया।

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ऐसे हुआ था ब्लू ड्रम हत्याकांड का खुलासा

हत्या के बाद मुस्कान और साहिल के घूमने जाने की बात सामने आई। खबर के मुताबिक, दोनों ने शिमला और मनाली समेत कई जगहों की यात्रा की थी। इस दौरान मुस्कान सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो भी डालती रही, ताकि लोगों को लगे कि सब कुछ सामान्य है।

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18 मार्च को सौरभ का छोटा भाई राहुल उसके घर पहुंचा। वहां उसने मुस्कान को साहिल के साथ देखा। सौरभ के बारे में पूछने पर मुस्कान कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। घर से बदबू आने पर मामला सामने आया और पुलिस को सूचना दी गई। जांच के दौरान नीले ड्रम में छिपा सौरभ का शव बरामद हुआ।

पुलिस को मिले थे कई अहम सबूत

इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने कई सबूत रखे। इनमें हत्या में इस्तेमाल चाकू और उस्तरे की बरामदगी, दोनों के बीच हुई बातचीत की कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट और होटलों के CCTV फुटेज शामिल थे। इसके अलावा, होटल मैनेजर और अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए गए।

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मामले में कुल 22 गवाहों की गवाही हुई। जांच में सीमेंट और बालू खरीदने से जुड़े तथ्य भी सामने आए। इन सबूतों और गवाहियों के आधार पर कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी माना।

सजा सुनते ही रोने लगे मुस्कान और साहिल

फैसला सुनाने से पहले दोनों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट से जोड़ा गया। जज ने मुस्कान से पूछा कि वह सजा के बारे में कुछ कहना चाहती है या नहीं। इस पर मुस्कान ने कहा कि उसकी बच्चियों का ख्याल रखा जाए। इसके बाद वह चुप हो गई। वहीं, साहिल से भी सवाल किया गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया और सिर झुकाए खड़ा रहा। कोर्ट की ओर से फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद दोनों रोने लगे।

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सौरभ की मां ने कहा- न्याय मिल गया

फैसले के बाद सौरभ की मां रेनू राजपूत भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया है। परिवार का कहना था कि वे शुरू से ही दोनों दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे थे।

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सौरभ के भाई बबलू राजपूत ने भी फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार को उम्मीद थी कि कोर्ट से इंसाफ मिलेगा। वहीं, सौरभ की मां ने कहा कि अगर उन्हें फांसी की सजा नहीं हुई, तो वे सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगी।

मुस्कान के माता-पिता ने भी बनाई दूरी

खबर के मुताबिक, मुस्कान के माता-पिता ने कोर्ट को पत्र देकर कहा था कि उन्हें अपनी बेटी से कोई मतलब नहीं है और वे उससे नहीं मिलना चाहते। उन्होंने उसके लिए कड़ी सजा की मांग भी की थी। मुस्कान की वकील ने उसकी दो बेटियों और माता-पिता की उम्र का हवाला देते हुए कम सजा देने की अपील की थी, जबकि अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड की मांग की।

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4 मार्च को मिली थी बुकिंग, 17 मार्च तक घूमे हिल स्टेशन

कैब ड्राइवर अजब सिंह, जो मेरठ के परतापुर में रहते हैं और शिवा ट्रैवल्स में काम करते हैं। उन्हें 4 मार्च की सुबह शिमला की एक बुकिंग मिली। उन्हें बताया गया कि ब्रह्मपुरी से दो लोगों को लेकर हिमाचल के अलग-अलग हिल स्टेशनों पर घूमाना है और 10 दिन बाद वापस मेरठ छोड़ना है। शाम 6:30 बजे दिल्ली चुंगी के पास काशी डेयरी हलवाई की दुकान के पास ड्राइवर को साहिल और मुस्कान मिले।

सामान्य था व्यवहार

अजब के अनुसार, ये दोनों बिल्कुल सामान्य व्यवहार कर रहे थे। रास्ते में ढाबे पर खाना खाया और उन्होंने शिमला जाने की बात कही। दोनों शिमला में तीन दिन रुके, फिर कुल्लू और मनाली में घूमते रहे। दोनों को बर्फीली जगहें पसंद थीं, इसलिए वे लगातार ऊंचाई वाले इलाकों में जाते रहे।

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कसोल में 5 दिन, रोजाना पार्टी और शराब

अजब सिंह के अनुसार, मुस्कान और साहिल कसोल में पांच दिन रुके। वहां से वे रोजाना साढ़े तीन किलोमीटर दूर एक पार्टी स्पॉट पर जाते थे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। गाड़ी वहां नहीं जा सकती थी, इसलिए वे रास्ते में ही उतर जाते थे। वहां ये लोग पब में डांस और पार्टी करते।

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ड्राइवर ने बताया कि साहिल रोजाना 1-2 बोतल शराब लाता था, लेकिन उसने मुस्कान को शराब पीते नहीं देखा। हालांकि, यूपी में घुसने के बाद दोनों ने शराब खरीदी और गाड़ी में ही बीयर पी।

वीडियो कॉल के लिए हाईवे किनारे गाड़ी रुकवाती थी मुस्कान

सफर के दौरान मुस्कान के फोन पर बार-बार कॉल आते थे। जब उसने कॉल उठाया, तो वह गाड़ी रुकवाकर हाईवे किनारे टहलने लगती थी। एक बार उसकी मां का फोन आया, जिसमें उन्होंने वीडियो कॉल करने को कहा। हर बार वीडियो कॉल के वक्त मुस्कान गाड़ी से बाहर जाकर बात करती थी।

टोल, पार्किंग और होटल की सभी पर्चियां संभालकर रखीं  

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अजब सिंह ने पुलिस को टोल टैक्स, पार्किंग टिकट, तेल के बिल और होटल में ठहरने की पर्चियां दिखाईं। इससे साफ हुआ कि साहिल और मुस्कान ने 4 मार्च से 17 मार्च तक हिमाचल के अलग-अलग पर्यटन स्थलों में समय बिताया।

 साहिल के लिए ‘शंकर’ लिखा केक मंगवाया 

16 मार्च को मुस्कान ने अजब सिंह को ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए। इसी पैसे से उसने साहिल के लिए एक केक खरीदा, जिस पर ‘शंकर’ लिखा हुआ था।

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19 मार्च को पता चला कि कैब में घूम रहे थे हत्यारे  

ड्राइवर अजब सिंह को 19 मार्च को अखबार पढ़ने के बाद पता चला कि जिन दो लोगों को वह 10 दिन तक हिमाचल में घुमा रहा था, वे सौरभ मर्डर केस में आरोपी हैं। जब उसने अखबार में उनकी तस्वीर देखी, तब उसे हकीकत का पता चला।