Himachal Se: Twisha Sharma Case: भोपाल के हाई प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम के प्रमुख डॉ. रजनीश कश्यप ने मामले से जुड़े कई अहम सवालों पर जवाब दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्रग्स सेवन जैसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं हुई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है और किसी प्रकार के दबाव में काम नहीं कर रही.

Twisha Sharma Case: ड्रग्स थ्योरी फेल! ट्विशा शर्मा केस में SIT चीफ ने खोले कई बड़े राज, सास गिरिबाला सिंह के दावों पर सवाल​
Twisha Sharma Case: ड्रग्स थ्योरी फेल! ट्विशा शर्मा केस में SIT चीफ ने खोले कई बड़े राज, सास गिरिबाला सिंह के दावों पर सवाल​

SIT चीफ डॉ. रजनीश कश्यप ने बताया कि अब तक की जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि ने किसी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन किया था. उन्होंने कहा कि कुछ पक्षों की ओर से लगाए गए दावों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट समर्थन नहीं देती. इस बयान के बाद उन आरोपों पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनमें के बारे में ड्रग्स से जुड़े संकेत दिए जा रहे थे.

मामले में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा पोस्टमार्टम के दौरान लिगेचर मटेरियल यानी फंदे में इस्तेमाल बेल्ट को डॉक्टरों को समय पर उपलब्ध न कराने का है. इस संबंध में डॉ. रजनीश कश्यप ने माना कि तत्कालीन जांच अधिकारी की लापरवाही सामने आई है. उन्होंने कहा कि इस चूक को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित अधिकारी के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है.

समर्थ की तलाश में जुटीं 6 टीमें

ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए SIT चीफ डॉ. रजनीश कश्यप ने कहा कि पुलिस पर किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव नहीं है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तथा तकनीकी आधार पर की जा रही है.

फरार आरोपी समर्थ सिंह की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. डॉ. रजनीश कश्यप के अनुसार, उसकी तलाश में 6 से 7 टीमें लगातार अलगअलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं. उसकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है. साथ ही, उसका पासपोर्ट निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

समर्थ सिंह की जमानत याचिका खारिज

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और समर्थ सिंह की गिरफ्तारी को इस केस की आगे की दिशा तय करने में बेहद अहम माना जा रहा है. आज कोर्ट से ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी.

बता दें कि भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में चर्चित ट्विशा सिंह मौत मामले में पुलिस ने उनकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु का केस दर्ज किया है. हालांकि, गिरिबाला सिंह को शुक्रवार को भोपाल जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई. वहीं समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका आज कोर्ट से खारिज हो गई.

दिसंबर 2025 में हुई थी ट्विशा और समर्थ की शादी

जमानत याचिका में गिरिबाला सिंह ने कोर्ट को बताया कि समर्थ और ट्विशा का विवाह 9 दिसंबर 2025 को हुआ था. उनके अनुसार, 12 मई की रात ट्विशा ने बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित घर की छत पर फांसी लगाकर जान दे दी. आवेदन में यह भी कहा गया कि शादी के बाद वह कई बार अपने मायके नोएडा गई थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। एक बार वह सुबह भोपाल से फ्लाइट लेकर निकली और देर रात वापस लौटी. परिवार का कहना है कि करीब 12 घंटे तक उसका कोई संपर्क नहीं हो पाया था.

ससुराल पक्ष ने दहेज प्रताड़ना के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है. गिरिबाला सिंह का दावा है कि ट्विशा को जरूरत के हिसाब से नियमित आर्थिक सहायता दी जाती थी, जिसकी रकम 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक होती थी. इस दावे के समर्थन में अदालत के सामने बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेज और ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड भी पेश किए गए हैं.

ट्विशा के ड्रग्स लेने की बात कही थी

अर्जी में ट्विशा की स्वास्थ्य स्थिति का भी जिक्र किया गया है. इसमें कहा गया कि उसके हाथों में कंपन की समस्या थी और कुछ समय तक ड्रग्स नहीं मिलने की वजह से उसमें चिड़चिड़ापन और व्यवहार में अचानक बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते थे. गिरिबाला सिंह ने अदालत में कहा कि उन्होंने इस संबंध में ट्विशा के पिता से भी चर्चा की थी और परिवार को उसकी स्थिति की जानकारी थी. साथ ही बताया गया कि उनका इलाज भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के पास चल रहा था तथा काउंसलिंग भी कराई जा रही थी.

ससुराल वाले बोले ट्विशा ने सुसाइड किया

मामले में दोनों परिवारों के आरोप और दावे एकदूसरे से बिल्कुल अलग हैं. ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि ट्विशा के मायके वालों का आरोप है कि उसे दहेज, संतान पैदा करने के दबाव और घरेलू प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था. इधर भोपाल पुलिस ने अंतिम संस्कार से जुड़े मुद्दे पर अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया है, वहीं मायके पक्ष पोस्टमॉर्टम दिल्ली स्थित दिल्ली एम्स में कराने और जांच किसी बाहरी एजेंसी से करवाने की मांग कर रहा है.

गर्भवती थी ट्विशा शर्मा!

अदालत में पेश दस्तावेजों के मुताबिक, 17 अप्रैल 2026 को ट्विशा को अपनी गर्भावस्था की जानकारी मिली थी. उसी दिन वह पति समर्थ के साथ हजेला अस्पताल पहुंची थी, जिसके मेडिकल रिकॉर्ड भी केस फाइल में शामिल किए गए हैं. गिरिबाला सिंह का कहना है कि गर्भवती होने की पुष्टि के बाद ट्विशा का व्यवहार अचानक बदल गया था. उनके अनुसार, अस्पताल से लौटने के बाद ट्विशा ने सामान पैक करते हुए कहा था कि वह नोएडा वापस जाना चाहती है और घरेलू जिम्मेदारियां अब वह नहीं निभा पाएगी.