
UPSC IPS Success Story: कभी घर में बिजली नहीं थी और पढ़ाई के लिए मिट्टी के तेल की लालटेन ही सहारा थी. स्कूल जाने के लिए रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था. आर्थिक परेशानियों के बावजूद शरण गोपीनाथ कांबले ने पढ़ाई को अपनी ताकत बनाया और इंजीनियरिंग से होते हुए सिविल सर्विस तक का सफर तय किया.
महाराष्ट्र के ताडवाले गांव से शुरू हुई उनकी कहानी शिक्षा, मेहनत और सार्वजनिक सेवा में करियर बनाने के फैसले से जुड़ी है. सार्वजनिक रूप से उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक, आज वह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.
पिता दिहाड़ी मजदूर, मां बेचती थीं सब्जियां
कांबले का बचपन आर्थिक चुनौतियों के बीच बीता. उनके पिता दिहाड़ी मजदूर थे, जबकि उनकी मां सब्जियां बेचकर परिवार की मदद करती थीं. घर में बिजली नहीं होने के कारण वह कथित तौर पर मिट्टी के तेल वाली लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करते थे. 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान स्कूल पहुंचने के लिए उन्हें रोज करीब 12 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था. सुविधाओं की कमी के बावजूद उन्होंने शिक्षा को आगे बढ़ाने का रास्ता नहीं छोड़ा.
BTech से IISc के MTech तक पहुंची पढ़ाई
लगातार पढ़ाई के दम पर कांबले ने Walchand College of Engineering से BTech की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु स्थित Indian Institute of Science (IISc) से MTech पूरा किया. प्रोफाइल के अनुसार, इंजीनियरिंग और पोस्ट-ग्रेजुएशन के बाद उन्हें प्राइवेट सेक्टर में एक नौकरी का प्रस्ताव भी मिला था, जिसकी सालाना सैलरी करीब 20 लाख रुपये बताई जाती है. लेकिन उन्होंने पब्लिक सर्विस में जाने का फैसला किया.
UPSC और CAPF में हासिल की रैंक
कांबले की प्रतियोगी परीक्षाओं की यात्रा भी उल्लेखनीय रही. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने 2019 CAPF परीक्षा में AIR 8 हासिल की. इसके बाद UPSC Civil Services Examination 2020 में AIR 542 और Indian Forest Service Examination 2020 में AIR 127 प्राप्त की. अंततः उन्होंने IPS को अपना करियर चुना और 2021 में राजस्थान कैडर में शामिल हुए.
पुलिस सेवा में ड्रग्स के खिलाफ अभियान
राजस्थान के सांचोर में ACP के रूप में काम करते हुए कांबले ने कथित तौर पर ड्रग तस्करी और सामाजिक आयोजनों में अफीम तथा पोस्ता के इस्तेमाल से जुड़े मामलों पर काम किया. सार्वजनिक प्रोफाइल में उनके काम के लिए गणतंत्र दिवस पर DGP Disc मिलने का भी उल्लेख है.
साइबर क्राइम से लेकर ट्रायथलॉन तक
कांबले की गतिविधियां केवल पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहीं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने 113 किलोमीटर की Bergman Triathlon में भी हिस्सा लिया, जिसमें तैराकी, साइकिलिंग और दौड़ शामिल हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह वर्तमान में SP Deeg के रूप में कार्यरत हैं और उनकी जिम्मेदारियों में साइबर क्राइम से जुड़े मामले भी शामिल हैं.
लालटेन की रोशनी में पढ़ने से लेकर IPS की वर्दी तक का यह सफर बताता है कि उनके करियर में शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और सार्वजनिक सेवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हालांकि, उनके करियर और उपलब्धियों से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस लेख के लिए नहीं की गई है.



