
कानपुर। किदवई नगर में नशेड़ी पिता ने सोची-समझी साजिश के तहत अपनी दो मासूम जुड़वां बेटियों की चापड़ से हत्या कर दी। पिता ने देर रात 1:50 बजे से 3:35 बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया, जिसकी फुटेज सीसीटीवी में मिली है।
कानपुर में किदवईनगर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के जी-फोर फ्लैट में शनिवार देर रात 11 बजे से पहले सब कुछ सामान्य था। रात करीब 11 बजे हत्यारोपी शशिरंजन मिश्रा ने पत्नी रेशम, जुड़वां बेटियों रिद्धि-सिद्धि व बेटे रुद्रव के साथ खाना खाया। इसके बाद सभी टीवी देखने लगे। कुछ देर बाद शशिरंजन ने सभी को टीवी बंद कर सोने के लिए कहा लेकिन परिवार ने उसकी बात अनसुनी कर दी।
अचानक तैश में आकर शशिरंजन ने चिल्लाते हुए सभी को पीटने की धमकी दी। सभी लोग सोने चले गए। इसी के बाद देर रात 1:50 बजे से 3:35 बजे के बीच शशिरंजन ने अपने साथ सो रहीं दोनों बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस को पूरी वारदात फ्लैट के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद मिली है। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपी के फ्लैट में पत्नी वाले बेडरूम और बाथरूम को छोड़कर हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
फुटेज देखने के लिए ड्राइंग रूम में ही एलईडी टीवी के नीचे मॉनिटर लगा है। सीसीटीवी फुटेज और आरोपी के बयानों के अनुसार रात को शशिरंजन ने जब टीवी बंद करने के लिए कहा तो दोनों बच्चियों ने कार्टून सीरियल देखने की जिद की। इस पर शशिरंजन ने मंगलवार को सभी को टॉकीज में फिल्म दिखाने का वादा किया। इसके बाद भी जब टीवी बंद नहीं हुआ, तो वह गुस्से में आकर चिल्लाने लगा।
देर रात दोनों बेटियों की हत्या कर दी
यह देख रेशमा बेटे रुद्रव को लेकर अपने कमरे में चली गई, जबकि दोनों बेटियां पिता के बेडरूम में जाकर बेड पर लेट गईं। इस कमरे में भी सीसी कैमरे लगे हुए हैं। फुटेज के अनुसार आरोपी ने कुछ देर तक बच्चियों से कुछ बात की। बीच-बीच में आरोपी अपना मोबाइल भी चलाता जा रहा था। इसके बाद कमरे की लाइट बंद हो गई। फिर देर रात शशिरंजन ने दोनों बेटियों की हत्या कर दी।
विरोध न कर सके इसलिए पहले सिद्धि को मारा
पूछताछ में आराेपी ने पुलिस को बताया कि बेेटी सिद्धि, रिद्धि की अपेक्षा ज्यादा स्वस्थ थी। आरोपी को डर था कि यदि वह रिद्धि को पहले मारेगा तो सिद्धि जग कर उसका विरोध कर करती या या शोर मचा कर पत्नी को जगा सकती थी। ऐसे में उसने पहले सिद्धि के पास बैठकर दोनों हाथों की ताकत से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद उसका गला काटा।
चुपचाप बिस्तर पर बैठ गया
फिर चुपचाप बिस्तर पर बैठ गया। थोड़ी देर बाद रिद्धि वाशरूम जाने के लिए जगी, तो उसे साथ लेकर गया। बेटी को साथ ले जाते पत्नी रेशमा ने भी देखा था। बच्ची को लेकर जब वह वापस कमरे में आया तो भी पत्नी ने अंदर झांकने की कोशिश की, लेकिन लाइट बंद होने के कारण कुछ देख नहीं पाई। इसके बाद जब बेटी गहरी नींद में चली गई, तब उसकी भी हत्या कर दी।
दो साल पहले पत्नी पर किया था चाकू से हमला
जुड़वां बेटियों की हत्या का आरोपी शशिरंजन अपनी पत्नी रेशमा की करीब दो साल पहले चाकू मारकर हत्या की कोशिश कर चुका है। रेशमा ने पुलिस को बताया कि शशिरंजन गुस्सैल और झगड़ालू है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वह दो साल पहले उन पर दो बार चाकू से जानलेवा हमला कर चुका है। हालांकि, तब वह बाल-बाल बच गई थीं। उन्होंने थाने में इसकी शिकायत भी की थी।
बच्चियों को पिता से ज्यादा लगाव था
रेशमा ने पुलिस को बताया कि उनके और पति के संबंध अच्छे नहीं हैं। दोनों का खानपान साथ है। वह उनके और बच्चों के खर्चे उठाता था। इसके अलावा कई साल से दोनों के बेडरूम भी अलग हैं, जिनमें वह बच्चों के साथ सोते थे। बच्चियों को पिता से ज्यादा लगाव था, तो वह उसी के पास सोती थीं। बेटा उनके पास कमरे में सोता है। वारदात के समय भी वह उनके ही पास था।
पुलिस के सामने गलती मानने पर कार्रवाई नहीं की
रेशमा ने बताया कि दो साल पहले शशिरंजन शराब पीकर घर आया और गाली गलौज करने लगा। उन्होेंने विरोध किया तो उन्हें पीटा। पास पड़े चाकू से जानलेवा हमला किया। चाकू बाएं हाथ में लगा, लेकिन उनकी जान बच गई। उस वक्त पुलिस के सामने गलती मानने पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एक साल पहले भी आरोपी ने एक बार और चाकू से हमला किया, लेकिन तब उन्हें चोट नहीं आई थी।
पांच दिन पहले 500 रुपये में मूलगंज से खरीदा था चापड़
बेटियों के हत्यारोपी पिता शशिरंजन ने दोहरे हत्याकांड को किसी आवेश में नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि उसने हत्या का इरादा कुछ दिन पहले ही कर लिया था। करीब पांच दिन पहले उसने बिरहाना रोड दवा मार्केट से लौटते समय मूलगंज बाजार से 500 रुपये में चापड़ खरीदा था। उसके मंसूबों के बारे में पत्नी रेशमा को भनक तक न लग पाए इसके लिए चापड़ अपने बैग में छिपाकर कमरे में ले गया। फिर अलमारी में रख दिया था।
घर पर हथौड़ा काफी पहले से ही था
आरोपी के अनुसार वह कई बार बेटियों की हत्या करने की साजिश कर चुका था, लेकिन कभी हिम्मत दगा दे जाती तो कभी मौका चूक जाता। इसके बाद उसने रात में हत्या की योजना बनाई इसलिए खाना खाने के बाद जब बच्चियों ने टीवी देखने की जिद की तो उन्हें डांटा था। पत्नी ने अगले दिन रविवार होने की बात कहते हुए थोड़ी देर देख लेने को कहा तो उसे गुस्सा आ गया। इसके बाद सभी को पीटने की धमकी दी। इससे डरकर सभी अपने-अपने कमरे में चले गए। इसके बाद वारदात की। हालांकि, घर पर हथौड़ा काफी पहले से ही था।
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई पूरी वारदात
नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि फ्लैट के अंदर पत्नी वाले बेडरूम और बाथरूम को छोड़कर कमरे, किचन और गैलरी में चार सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। शनिवार रात 11 बजे शशिरंजन ने पत्नी रेशमा, जुड़वां बेटियों रिद्धि-सिद्धि व बेटे रुद्रव के साथ खाना खाया। इसके बाद सभी टीवी देखने लगे। कुछ देर बाद शशिरंजन ने टीवी बंद करने को कहा लेकिन परिवार ने उसकी बात अनसुनी कर दी।
आरोपी कई दिन से रच रहा था हत्याकांड की साजिश
तैश में आकर शशिरंजन ने सभी को पीटने की धमकी दी। इसके बाद दोनों बेटियां पापा के कमरे में सोने चली गई। मां बेटे को लेकर अपने कमरे में चली गई। रात 1:50 बजे से 3:35 बजे के बीच शशिरंजन ने अपने साथ सो रहीं दोनों बेटियों की हत्या कर दी। पहले सिद्धि फिर रिद्धि की हत्या की। पुलिस को पूरी वारदात कमरे में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद मिली है। हत्यारोपी ने पांच दिन पहले ही चापड़ खरीदा था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्याकांड की साजिश आरोपी कई दिन से रच रहा था।