
US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकी दी है. अमेरिका की नौसेना ने कहा है कि वह 13 अप्रैल 2026 की शाम 7.30 बजे (भारतीय समयानुसार) इस समुद्री रास्ते की नाकेबंदी शुरू कर देगी. इस बीच इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है और किसी भी वक्त सीजफायर खत्म हो सकती है.
हम दुश्मन को सीमा से दूर धकेल रहे: नेतन्याहू
नेतन्याहू ने कहा, ‘मैं 12 अप्रैल 2026 को लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में अपनी सेनाओं और साहसी कमांडरों के साथ था. वे वहां अटूट साहस के साथ अविश्वसनीय काम कर रहे हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि वे दुश्मन को सीमा से दूर धकेल रहे हैं. हमारी सेना आस-पास स्थित आतंकवादी गांवों से भी निपट रही है. हमें सुनिश्चित करना होगा कि इजरायल के सभी नागरिकों के समान सुरक्षा मिले. जब तक हम सुरक्षा बहाल नहीं कर लेते, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे.’
नेतन्याहू ने बताया इस्लामाबाद वार्ता फेल क्यों फेल हुई?
इजरायली पीएम ने कहा, ‘जंग अभी खत्म नहीं हुई है और यह लगातार जारी है. इस्लामाबाद से लौटते समय अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने विमान से ही मुझे फोन किया. उन्होंने मुझे वार्ता के फेल होने के बारे में बताया. ईरान बातचीत के समझौते का खुलेआम उल्लंघन कर रहा था, जिसे अमेरिका ने बर्दाश्त नहीं किया.’
नेतन्याहू ने कहा, ‘ईरान की ओर से नियमों का उल्लंघन करने के कारण राष्ट्रपति ट्रंप ने उन पर नौसैनिक नाकाबंदी लगाने का निर्णय लिया. हम निश्चित रूप से इसका समर्थन करते हैं और अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. हमें समय रहते और पूरी ताकत से बुराई का सामना करना होगा और हम ऐसा कर रहे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अमेरिका के अलावा कोई और देश नहीं कर रहा है.’
नाकाबंदी वाली धमकी के बाद ईरान ने US को चेताया
ईरान ने अमेरिका की नाकाबंदी की घोषणा के मद्देनजर कहा कि अगर उसके बंदरगाहों को खतरा होता है तो फारस की खाड़ी या ओमान की खाड़ी में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तत्काल प्रभाव से होर्मुज स्ट्रेट में एंट्री करने या बाहर निकलने की कोशिश करने वाले जहाजों की नाकेबंदी शुरू कर देगा. ट्रंप के अनुसार उन्होंने अमेरिकी नौसेना को उन जहाजों को रोकने का निर्देश दिया है, जिन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए ईरान को शुल्क चुकाया है.

