Himachal Se: सहारनपुर में मंदिर के पुजारी पर दर्ज हुए पॉक्सो एक्ट के मुकदमे को लेकर अब विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. शहर से लेकर देहात तक के कई मंदिरों में सुबह पूजाअर्चना के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं. मंदिरों के बाहर पुजारियों द्वारा विरोध स्वरूप नोटिस बोर्ड भी लगाए गए हैं. ब्राह्मण समाज और राजपूत समाज के लोग इसे पुजारी के खिलाफ अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताते हुए खुलकर आंदोलन में उतर आए हैं.

ब्राह्मण समाज के लोगों का दावा है कि प्रदेश में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी घटना के विरोध में इतने बड़े स्तर पर मंदिर बंद किए गए हैं. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यह केवल एक पुजारी का मामला नहीं बल्कि पूरे ब्राह्मण समाज के सम्मान और सुरक्षा का प्रश्न बन चुका है.
क्या है मामला?
समाज के लोगों का आरोप है कि देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित मंदिर के 65 वर्षीय पुजारी विजय तिवारी के खिलाफ दर्ज कराया गया मामला पूरी तरह जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसे अब अलग रंग देने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि मंदिर के पास की जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और अब उसी विवाद को जातीय तनाव में बदलने का प्रयास किया जा रहा है.
विरोध कर रहे लोगों ने भीम आर्मी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन के दबाव में पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए सीधे पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दिया. उनका कहना है कि मामले की गहराई से जांच किए बिना एक बुजुर्ग पुजारी को आरोपी बना दिया गया, जिससे समाज में भारी नाराजगी है.
लगाए उत्पीड़न के आरोप
ब्राह्मण समाज से जुड़े लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार ब्राह्मण उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं और अब समाज इसे आरपार की लड़ाई के रूप में देख रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है, जबकि ब्राह्मण समाज के नाम पर राजनीति करने वाले विधायक और मंत्री भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं.
SSP कार्यालय के घेराव का ऐलान
इसी के विरोध में आज सहारनपुर में सुबह 11 बजे से बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया गया. ब्राह्मण समाज ने पुजारी के साथ कथित मारपीट की घटना और दर्ज मुकदमे के विरोध में सहारनपुर SSP कार्यालय के घेराव की घोषणा की है.
वहीं आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. शहर और देहात क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.



