भारतीय नौसेना की ताकत में शुक्रवार को एक नया मल्टी पर्पज पोत INS समर्थक जुड़ गया. उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कर्नाटक के कारवार में INS समर्थक को कमीशन किया. यह देश का पहला स्वदेशी मल्टीपर्पज वेसल है. इसे कारवार नेवल बेस पर 16 अक्टूबर को नौसेना में शामिल किया गया. इसे मेक इन इंडिया के तहत L&T ने बनाया है.

इसका का मुख्य काम नौसेना के स्वदेशी सेंसर और हथियारों की टेस्टिंग में मदद करना है.अब सवाल है कि क्या होता है मल्टीपर्पज वेसल, सेना में इसका क्या काम है और INS समर्थक क्यों है खास.

क्या होता है मल्टीपर्पज वेसल?

मल्टीपर्पज वेसल यानी बहुउद्देशीय जहाज. यह नौसेना का ऐसा जहाज है जो कई तरह के काम करने के लिए बनाया जाता है. आम तौर पर डिस्ट्रॉयर या फ्रिगेट जैसे युद्धपोत मुख्य रूप से दुश्मन से लड़ने के लिए बनते हैं. MPV को सपोर्ट शिप या “यूटिलिटी शिप” कहा जा सकता है, जो जरूरत के हिसाब से कई भूमिकाएं निभाता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने इसे नौसेना का भविष्य का “आदर्श यूटिलिटी शिप” बताया है.

INS समर्थक देश का पहला स्वदेशी मल्टीपर्पज वेसल है.

क्याक्या काम करता है?

रक्षा मंत्रालय के अनुसार INS समर्थक मुख्य रूप से समुद्री निगरानी और गश्त के लिए बना है. इसके अलावा यह कई तरह के काम कर सकता है.

  • निगरानी और गश्त: समुद्री इलाकों पर नजर रखना
  • लोइंटेंसिटी मैरीटाइम ऑपरेशन : सीमित स्तर के समुद्री अभियान.
  • टारगेट डिप्लॉयमेंट और ट्रायल: नौसेना के अभ्यास के लिए सतह और हवा में टारगेट छोड़ना और वापस लेना.
  • अनमैन्ड सिस्टम का मदरशिप: ड्रोन और ऑटोमेटेड व्हीकल्स को ऑपरेट करना.
  • मानवीय सहायता और आपदा राहत : चक्रवात, बाढ़ जैसी आपदाओं में मदद करना.
  • सीमित अस्पताल जहाज: जरूरत पड़ने पर मेडिकल सुविधा वाले जहाज में बदलना.
  • सैल्वेज ऑपरेशन: समुद्र में फंसे जहाजों को बचाना और खींचना.

इसके अलावा यह समुद्री प्रदूषण से निपटने का काम भी कर सकता है.

⚓ From Blueprint to Battle Ready! 🇮🇳

🚢 Witness the construction journey of Samarthak, built by Larsen & Toubro under the #MakeInIndia initiative. The vessel reflects Indias growing indigenous shipbuilding capabilities and commitment to maritime selfreliance.

🌊 A journey of precision, perseverance and indigenous innovation, strengthening Indias maritime capabilities.

#AatmanirbharBharat #IndianNavy #Samarthak

@indiannavy
@IN_WNC
@IN_HQENC
@IN_HQSNC

— IN October 16, 2026

INS समर्थक की खासियतें

  • निर्माण: L&T के कट्टुपल्ली शिपयार्ड में बना. इसका डिजाइन और निर्माण L&T के वारशिप डिजाइन सेंटर और शिपयार्ड में पूरी तरह इनहाउस हुआ.
  • आकार: लंबाई 107 मीटर, चौड़ाई 18.6 मीटर, वजन 3,750 टन से ज्यादा और अधिकतम रफ्तार 15 नॉट.
  • तकनीक: इसमें डायनामिक पोजिशनिंग सिस्टम लगा है, जिससे जटिल समुद्री अभियानों में सटीक कंट्रोल मिलता है.
  • क्रेस्ट: क्रेस्ट में लहरों से निकलता भारतीय हाथी है, जो ताकत, बुद्धिमत्ता और फुर्ती का प्रतीक है. जहाज का आदर्श वाक्य “विजयार्थम् एकनिष्ठता” है, यानी जीत ही हमारा एकमात्र लक्ष्य.

L&T के साथ अनुबंध दो जहाजों का है. वहीं रक्षा मंत्रालय ने कमीशनिंग से पहले इसे नौसेना में शामिल हो रहे चार MPV में पहला बताया था. यानी योजना कुल चार MPV की है, पर बाकी दो के बारे में फिलहाल आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं जारी की गई है.

INS समर्थक.

क्यों अहम है INS समर्थक?

यह कई मायनों में खास है. पहला, यह नौसेना को अपने स्वदेशी हथियार और सेंसर देश में ही परखने का प्लेटफॉर्म देगा. दूसरा, यह निजी क्षेत्र की कंपनी के बनाए युद्धपोतों की दिशा में बड़ा कदम है. L&T इसी सुविधा में तीन कैडेट ट्रेनिंग शिप भी बना रही है. तीसरा, ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम के दौर में एक मदरशिप नौसेना की ऑपरेशनल लचीलापन बढ़ाएगा.