Modi Cabinet Decisions : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने से जुड़ा बड़ा फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने Integrated Transport & Logistics Authority के गठन को नीति स्तर पर मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य देश में सड़क, रेल, बंदरगाह, विमानन, जलमार्ग और शहरी परिवहन जैसी अलगअलग व्यवस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को दो बड़े फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि पहला निर्णय देश में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की बेहतर योजना तैयार करने से जुड़ा है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दुनिया के कई देशों में परिवहन और लॉजिस्टिक्स की एकीकृत योजना पर पहले से काम हो रहा है। इसी दिशा में भारत में भी एक नई संस्था बनाई जाएगी, जो देश की ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था की योजना को व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट का दूसरा फैसला MSME कंपनियों से जुड़ा है। छोटी और मध्यम कंपनियों को कारोबार बढ़ाने के लिए जरूरी पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड बनाया जाएगा। इससे MSME सेक्टर को विस्तार करने और विकास के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कैसे काम करेगी ITLA?
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— ANI October 6, 2026
500 करोड़ रुपये या उससे अधिक की परियोजनाओं की तकनीकी समीक्षा
ITLA केंद्र सरकार की 500 करोड़ रुपय या उससे अधिक लागत वाली इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगी। इसका मकसद परियोजनाओं में मल्टीमोडल कनेक्टिविटी और बेहतर प्लानिंग सुनिश्चित करना होगा।
नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान
प्राधिकरण सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स को शामिल करते हुए दीर्घकालिक राष्ट्रीय परिवहन योजना तैयार करने में भूमिका निभाएगा।
परियोजनाओं की निगरानी और प्रभाव का आकलन
500 करोड़ रुपये से अधिक की परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी की जाएगी। परियोजनाओं में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद उसके प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।
एकीकृत ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी
GSTN eway बिल, FASTag, VAHAN, GPS और शहरी ट्रैफिक डेटा को एकीकृत करने की दिशा में काम किया जाएगा। माल ढुलाई और यात्रियों के आवागमन से जुड़े डेटा का विश्लेषण कर भविष्य की परियोजनाओं की योजना को ज्यादा डेटा आधारित बनाया जाएगा।
नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी में सहयोग
ITLA नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी, 2022 की समीक्षा और जरूरत के मुताबिक उसमें बदलाव के लिए सरकार को सलाह और सहयोग देगा।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर में क्षमता निर्माण:
लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रशिक्षण, स्किलिंग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने में भी प्राधिकरण की भूमिका होगी।
कैबिनेट के अन्य फैसले
कैबिनेट ने Small and Medium Enterprises Growth Fund को भी मंजूरी दी है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित किया गया है। इस तरह बैठक में ITLA के गठन को लेकर नीतिगत फैसला लिया गया, जबकि छोटे और मध्यम उद्यमों की ग्रोथ के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी गई।
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