Bhopal News: मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में इन दिनों 2014 बैच के IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया का इस्तीफा जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है. सागर के पुलिस अधीक्षक पद से हटाए जाने के महज 4 दिन बाद ही 2 नवंबर 2026 को उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा से त्यागपत्र दे दिया. अपने करीब 12 साल के करियर में दो बड़े जहरीली शराब कांडों से जुड़े प्रशासनिक एक्शन के बाद उनका यह फैसला अब पुलिस गलियारों से लेकर राजनीतिक हलकों तक बड़ी बहस का मुद्दा बन गया है.

अनुराग सुजानिया मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं. भारत सरकार की IPS सिविल लिस्ट के अनुसार, उनके पास उच्च तकनीकी शिक्षा की डिग्री है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और 2014 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी बने. अपने 12 साल के सेवाकाल के दौरान उन्होंने टीकमगढ़, मंदसौर, मुरैना और सागर जैसे बड़े जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक कानूनव्यवस्था की कमान संभाली.
करियर पर लगे दो बड़े दाग: मुरैना और सागर में जहरीली शराब से मौतों का साया
जब वे मुरैना के एसपी थे, तब साल 2021 में जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हो गई थी. उस दौरान पुलिस की ढिलाई और अवैध शराब कारोबार को लेकर सुजानिया के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठे थे. करीब 5 साल बाद अक्टूबर 2026 में सागर जिले के बांदा क्षेत्र में एक बार फिर जहरीली शराब से 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए अनुराग सुजानिया को सागर SP पद से हटाकर भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में एआईजी के पद पर ट्रांसफर कर दिया.
SP पद से हटते ही 4 दिन बाद दिया इस्तीफा, IPS एसोसिएशन और CM भी एक्टिव
सागर से हटाए जाने के महज चार दिन बाद 2 नवंबर को अनुराग सुजानिया ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय को अपना त्यागपत्र भेज दिया . इस्तीफे की खबर आते ही IPS एसोसिएशन सक्रिय हुआ और साथी अधिकारियों ने उनसे मिलकर इस्तीफा वापस लेने की समझाइश दी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद पुलिस मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की.



