Adam Hollioake :क्रिकेट की दुनिया में खिलाड़ियों को मैदान पर मिली सफलता के साथ अच्छी कमाई भी होती है। लेकिन क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं रहती। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एडम हॉलियोक की कहानी इसका बड़ा उदाहरण है। कभी अपनी राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करने वाले हॉलियोक को एक समय ऐसा भी देखना पड़ा, जब उनके ऊपर करोड़ों रुपये का कर्ज चढ़ गया और उन्हें अपनी संपत्तियां तक बेचनी पड़ीं।

Adam Hollioake ने इंग्लैंड को दिलाई थी बड़ी जीत
एडम हॉलियोक ने 1993 में सरे के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखा था। इसके बाद 1996 में उन्हें इंग्लैंड की अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह मिली। उन्होंने इंग्लैंड के लिए कुल 39 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने 1997 में शारजाह कप का खिताब भी जीता था।
एडम हॉलियोक ने 2004 में पेशेवर क्रिकेट से दूरी बना ली थी। हालांकि, कुछ साल बाद उन्होंने टी20 क्रिकेट में वापसी की और एसेक्स के लिए भी खेला। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह क्रिकेट से दूरी बनाकर अपने परिवार के कारोबार पर ध्यान देने का फैसला किया।
Adam Hollioake को कारोबार में लगा बड़ा झटका
क्रिकेट छोड़ने के बाद हॉलियोक ऑस्ट्रेलिया चले गए और अपने पिता तथा बहन के साथ प्रॉपर्टी डेवलपमेंट का कारोबार शुरू किया। शुरुआत में कारोबार अच्छा चला, लेकिन 2008 की आर्थिक मंदी ने उनकी कंपनी को बुरी तरह प्रभावित किया। प्रॉपर्टी बाजार में गिरावट और कारोबार से जुड़ी परेशानियों के कारण उनकी कंपनी 2010 में ढह गई।
इसके बाद एडम हॉलियोक पर करीब 14 मिलियन पाउंड यानी 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज हो गया। साल 201112 के दौरान उन्हें आधिकारिक तौर पर दिवालिया घोषित किया गया। कर्ज चुकाने के लिए उन्हें अपना घर, महंगी गाड़ियां और दूसरी संपत्तियां बेचनी पड़ीं।
फिर क्रिकेट ने ही संभाला सहारा
आर्थिक मुश्किलों के दौर में हॉलियोक ने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए पेशेवर बॉक्सिंग और एमएमए में भी हाथ आजमाया। इसके बाद 2017 में उन्होंने क्रिकेट में बतौर कोच वापसी की। उन्होंने अफगानिस्तान की शपगिजा लीग में कोचिंग की और पाकिस्तान के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान बल्लेबाजी कोच की भूमिका भी निभाई।
इसके अलावा उन्होंने क्वींसलैंड और इंग्लैंड लायंस के साथ काम किया। दिसंबर 2024 में केंट ने उन्हें तीन साल के लिए अपना हेड कोच नियुक्त किया। एक समय इंग्लैंड की कप्तानी करने वाले हॉलियोक की जिंदगी में आया यह उतारचढ़ाव दिखाता है कि खेल से संन्यास के बाद भी करियर और आर्थिक हालात किस तरह बदल सकते हैं।



