Ayodhya Ram Mandir Land Scam: अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है। इसी बीच मंदिर के लिए हुए जमीन खरीद घोटाले का जिन्न फिर से बाहर निकल आया है। राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा अयोध्या में जमीन खरीद में हुए करोड़ों की हेराफेरी की जांच करने वाली एसआईटी फिर से सक्रिय हो गई है। एसआईटी ने जमीन घोटाले में आरोप लगाने वाले आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह को बुलाकर सबूत पेश करने के लिए कहा है।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के पवन पाण्डेय साल 202122 से इस जमीन खरीदफरोख्त घोटाले को सड़क से लेकर संसद तक उठा रहे हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद पहले बार सार्वजनिक मंच से बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चोरी के संबंध में सबूत को SIT को सौंपने की अपील आमजन से किया था।
संजय सिंह ने किया था सबूत होने का दावा
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के सामने आने के बाद लगातार जमीन खरीद में हुए घोटाले की बात उठा रहे हैं और इसके सबूत होने की भी बात कह रहे हैं। बुधवार को उन्होंने अपने सोशल प्लेटफोर्म के जरिए SIT के सामने उपस्थित होकर अयोध्या के जमीन घोटाले के संबंध में अपना बयान दर्ज कराने और सबूत देने की बात कही थी। राज्यसभा सांसद की इस अपील के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है।
प्रभु श्री राम जी के मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच करने वाली SIT ने 25 जून को सुबह 11 बजे लखनऊ मंडलायुक्त कार्यालय पर मुझे बुलाया है। मैं जमीन घोटाले से संबंधित सारे दस्तावेज़ SIT के अध्यक्ष को सौंपूंगा। pic.twitter.com/0isezwLK7y
— Sanjay Singh AAP June 24, 2026
माना जा रहा है कि पूर्व में अयोध्या में जमीन की खरीदफरोख्त के मामले में तमाम अनियमितता की बात सामने आयी थी और प्रकरण खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा था। तब मामले को तूल पकड़ता देख मुख्यमंत्री ने जांच के लिए एसआईटी गठन करने का आदेश दिया था। हालांकि इस मामले में आजतक किसी से न पूछताछ हुई और न ही कोई कार्यवाही हुई। ऐसे में सरकार द्वारा गठित SIT द्वारा राज्यसभा सांसद को सबूत और बयान के बुलाना और सांसद SIT के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने की अपील को देखते हुए आने वाले समय में किसी न किसी बड़े घटनाक्रम और खुलासे की तरफ इशारा कर रहा है।
स्वामी गोविन्ददेव ने किया था आरोपों को खारिज
बताते चलें कि में चढ़ावा चोरी मामले में चुप्पी साध रहे ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरी ने जुलाई 2021 में अयोध्या की मणिराम दास छावनी में हुई प्रेस कांफ्रेंस में आप के सांसद संजय सिंह की ओर से जमीन खरीद पर लगाए गए घोटाले के आरोपों को निराधार बताया गया था। गोविन्ददेव ने कहा था कि कुछ विरोधी राजनीतिक तत्वों ने मंदिर निर्माण में बाधा पहुंचाने के लिए भ्रम का माहौल बनाने का काम किया है। जितनी जमीन खरीदी गई है, सब नियमों के तहत है, लेकिन मैं इसका मीडिया ट्रायल नहीं करना चाहता हूं।
उन्होंने कहा था कि राममंदिर जमीन खरीद घोटाले के मामले में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई। खरीदी गई भूमि बाजार मूल्य से कम मे खरीद की गयी और चार्टर्ड अकाउंटेंट से लेकर लेखपालों तक की मौजूदगी में पूरे मामले की जांच कराए जाने की बात कही थी।
ट्रस्ट के अधिकारियों पर गंभीर आरोप
साल 2021 के उक्त प्रकरण के सामने आने के बाद राम मंदिर की जमीन खरीद के लिए एक उपसमिति का भी गठन किया गया था, जिसमें राम मंदिर के ट्रस्टी ही इसके सदस्य बनाये गए थे और इन्हीं की ही सहमती पर सहमति पर जमीन की खरीद किये जाने की बात कही गयी थी।
इस उपसमिति में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, महंत दिनेन्द्र दास, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, डॉ. अनिल मिश्र और महासचिव चंपत राय को बनाया गया था। मजे की बात यह है कि आज राम मंदिर के चढ़ावा चोरी में जिन डॉ अनिल मिश्र और ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है वही इस जमीन खरीदफरोख्त के लिए बनी उपसमिति के सदस्य भी रहे।
ऐसे में राज्यसभा सांसद का जिम्मेदारी के साथ SIT के सामने दिया जाने वाला जमीन के मामले का बयान और सबूत आने वाले वक्त में उत्तर प्रदेश और देश की सियासत में तथा भाजपा के लिए कितना दर्द देगा यह तो वक्त बतायेगा। लेकिन फिलहाल सियासी गलियारों में संजय सिंह के बयान देने जाने की चर्चा गर्म है।



