Chhole Ka Paani Benefits: भारतीय रसोई में छोले तो हमेशा बनते रहते हैं और रसोई में उबले हुए चने का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन क्या आपने कभी चने का पानी पीने के बारे में सुना है?

हाल के दिनों में फर्मेंटेड चने का पानी यानी फर्मेंटेड चीकपी वॉटर को गट हेल्थ के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है। गट हेल्थ को सुधारने के कारण इसकी लोकप्रियता भी बढ़ती जी रही है। कुछ रिसर्च बताती हैं कि यह आंतों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसके फायदे इसकी मात्रा, बनाने के तरीके और सेवन के समय पर निर्भर करते हैं।
क्या चने का पानी गट हेल्थ को सुधार सकता है?
फर्मेंटेड चने का पानी आंतों की गुड बैक्टीरिया को सपोर्ट करता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसमें फर्मेंटेशन के दौरान बनने वाले लाभकारी बैक्टीरिया और पोस्टबायोटिक तत्व पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। हालांकि, इस दावे का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
रिसर्च क्या कहती है?
कुछ अध्ययनों के अनुसार, फर्मेंटेशन के बाद चने के पानी में लैक्टोबेसिलस जैसे लाभकारी बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। इससे इसकी क्षमता भी बढ़ती है और शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है। इसके अलावा, फर्मेंटेड चने का पानी पोस्टबायोटिक की तरह काम करता है, जो पाचन तंत्र के लिए लाभकारी माना जाता है।
फर्मेंटेड चने के पानी में कौनकौन से पोषक तत्व होते हैं?
- घुलनशील प्रोटीन
- स्टार्च
- सैपोनिन
- घुलनशील कार्बोहाइड्रेट
- कुछ एंटीऑक्सीडेंट यौगिक
लेकिन, इसमें पूरे उबले चनों की तुलना में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा काफी कम होती है।
क्या कब्ज और गैस में फायदा मिल सकता है?
कुछ लोगों का मानना है कि पाचन सुधारने, शरीर को हाइड्रेट रखने और आंतों के को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। वहीं कुछ रिसर्च में यह भी बताया गया है कि पूरे उबले चने, चने के पानी की तुलना में अधिक फायदेमंद होते हैं, क्योंकि उनमें फाइबर और रेजिस्टेंट स्टार्च अधिक मात्रा में मौजूद होता है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
- इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के मरीज
- जिन लोगों को दालों से एलर्जी हो
- किडनी रोग से पीड़ित मरीज
- विशेष चिकित्सकीय डाइट फॉलो करने वाले लोग



