Meerut : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा इलाके से एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला कत्लकांड सामने आया है, जिसने रिश्तों को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है। यहां 40 बीघा कीमती पैतृक जमीन के विवाद में एक कलयुगी पिता ने ही अपने 24 वर्षीय जवान बेटे तुषार त्यागी की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी।

इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि हापुड़ देहात का पूर्व हिस्ट्रीशीटर सुंदर त्यागी उर्फ राजीव त्यागी है, जिसने अपने एक साथी के साथ मिलकर इस खूनी साजिश को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी पिता और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मृतक की पत्नी के एक अलग दावे और व्हाट्सएप कॉल के खुलासे ने इस पूरी मर्डर मिस्ट्री को एक बेहद उलझे और त्रिकोणीय मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।

पापा ने भाई को मार डाला- आधी रात को बहन की कॉल से कांपा पुलिस महकमा

यह रूह कंपा देने वाली वारदात सोमवार रात की है। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि सोमवार रात ठीक 12:05 बजे मृतक तुषार की बहन मोना त्यागी ने खरखौदा पुलिस को फोन कर एक चीखती हुई सूचना दी कि उसके पिता सुंदर त्यागी ने भाई तुषार की हत्या कर दी है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर पांची और कैली अंडरपास के पास सर्विस रोड पर पहुंची। वहां खड़ी एक स्कॉर्पियो कार के भीतर चालक की सीट पर तुषार त्यागी का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। तुषार के माथे और गले पर बिल्कुल नजदीक से मारी गई गोली के गहरे निशान थे।

फोन कर बेटे से मंगवाया खाना, फिर कार में ही भून डाला

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जब घटनास्थल के आसपास और कैली धीरखेड़ा स्थित बीयर ठेके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो पूरी साजिश की परतें खुल गईं। आरोपी पिता सुंदर त्यागी अपने साथी अमित उर्फ वेदावन के साथ थार गाड़ी से देहरादून से आया था। उसने साजिश के तहत सोमवार रात करीब 8 बजे तुषार को फोन किया और खाने का टिफिन लेकर आने को कहा।

तुषार अपनी स्कॉर्पियो से खाना लेकर निकला। रास्ते में पिता और उसके दोस्त ने बीयर खरीदी और फिर तुषार की कार में ही बैठ गए। कार के भीतर ही पिता और बेटे के बीच जमीन को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद पूर्व हिस्ट्रीशीटर सुंदर त्यागी ने अपनी पिस्टल से बेटे के माथे और गले में गोलियां उतार दीं और शव को कार में ही छोड़कर फरार हो गया।

बाप का कबूलनामा बनाम पत्नी की थ्योरी- कहां उलझ गई कहानी?

पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी पिता सुंदर त्यागी ने जो बयान दिया, उसने सबको चौंका दिया। सुंदर ने बताया, “मुझे पुख्ता शक था कि तुषार मुझे रास्ते से हटाना चाहता है। उसने मुझे मरवाने के लिए एक नामी बदमाश को 10 लाख रुपये की सुपारी दे रखी थी। वह घर में भी सबसे मारपीट करता था, इसलिए मैंने उसे पहले ही मार दिया।” पुलिस के मुताबिक, तुषार अपनी मां के नाम पर मौजूद 40 बीघा पैतृक जमीन बेचकर कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहता था, जिसका सुंदर त्यागी कड़ा विरोध कर रहा था।

पत्नी का सनसनीखेज दावा: इस मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतक तुषार की पत्नी शिखा त्यागी ने खरखौदा थाने में ‘राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल’ (RND) के हापुड़ जिलाध्यक्ष अरविंद त्यागी उर्फ बिट्टू त्यागी और तरुण त्यागी के खिलाफ अपहरण और हत्या की एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी। शिखा का आरोप है कि रात 9 बजे तुषार ने उसे व्हाट्सएप कॉल कर कहा था कि, “बिट्टू त्यागी और उसके लोग मुझे जंगल में ले जा रहे हैं… मेरी फील्डिंग सेट हो गई है, ये लोग मेरा कत्ल कर देंगे।” इतना ही नहीं, शिखा का दावा है कि रात 9:35 बजे आरोपियों ने तुषार के दोस्त क्रिस को फोन कर कहा था कि ‘हमने तुषार को ठिकाने लगा दिया है, उसकी लाश कैली अंडरपास के पास पड़ी है।’

राजनीतिक मोड़: कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल, पुलिस कर रही कॉल डिटेल्स की जांच

इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। यूपी कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर इस घटना को पोस्ट करते हुए यूपी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

एसपी देहात का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और पिता के कबूलनामे से यह साफ है कि हत्या पिता सुंदर त्यागी ने ही की है। हालांकि, पत्नी शिखा द्वारा नामजद किए गए प्रॉपर्टी डीलर अरविंद उर्फ बिट्टू त्यागी और तरुण त्यागी की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस सभी संदिग्धों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कत्ल के पीछे कोई गहरी कड़ियों वाली साजिश या ठेकेदारी विवाद तो नहीं था।

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