कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पुराने प्रोविडेंट फंड विवादों को खत्म करने के लिए VISHWAS 2026 स्कीम शुरू की है. इस योजना के तहत योग्य कंपनियों और नियोक्ताओं को PF योगदान में देरी से जुड़े पुराने मामलों को एकमुश्त निपटाने का मौका दिया जा रहा है. खास बात यह है कि योजना के तहत लगने वाली पेनल्टी में काफी बड़ी कटौती की गई है.

EPFO ने नियोक्ताओं से इस योजना का फायदा उठाने की अपील की है. VISHWAS 2026 के तहत आवेदन करने की आखिरी तारीख 28 दिसंबर 2026 है. EPFO के मुताबिक, इस समयसीमा को आगे बढ़ाए जाने की उम्मीद नहीं है.
कितनी कम होगी पेनल्टी?
PF जमा करने में देरी होने पर पहले नुकसान की भरपाई के लिए लगने वाली पेनल्टी काफी ज्यादा हो सकती थी और यह सालाना 37 फीसदी तक पहुंच सकती थी. VISHWAS 2026 के तहत इसे काफी कम कर दिया गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर PF भुगतान में 2 महीने तक की देरी हुई है तो नुकसान की दर 0.25 फीसदी प्रति माह होगी. 2 से 4 महीने की देरी पर यह दर 0.50 फीसदी प्रति माह और 4 महीने से ज्यादा की देरी पर 1 फीसदी प्रति माह होगी.
इस योजना को कई हाई कोर्ट ने भी पुराने मामलों को खत्म करने के लिए उपयोगी बताया है. बॉम्बे हाई कोर्ट की पुणे बेंच ने एक नियोक्ता को इस योजना के तहत आवेदन करने का निर्देश दिया. वहीं मद्रास हाई कोर्ट ने भी नियोक्ता की योजना में शामिल होने की इच्छा जताने के बाद मामला बंद कर दिया. केरल हाई कोर्ट ने भी 19 मामलों में नियोक्ताओं को VISHWAS 2026 का लाभ लेने के लिए निर्देश दिए हैं.
किन मामलों में मिलेगा लाभ?
यह योजना उन योग्य मामलों पर लागू होगी, जिनमें 14 जून 2024 से पहले PF भुगतान में देरी हुई थी. इसमें अदालत या ट्रिब्यूनल में लंबित मामले, पेनल्टी ऑर्डर के बाद रिकवरी का इंतजार कर रहे मामले, लंबित पेनल्टी नोटिस और कुछ ऐसे मामले भी शामिल हैं जिनमें देरी दर्ज है लेकिन अभी पेनल्टी नोटिस जारी नहीं हुआ है.
योजना का लाभ लेने के लिए नियोक्ता को सबसे पहले PF भुगतान में देरी पर बकाया ब्याज चुकाना होगा. इसके बाद EPFO Employer Portal पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. पोर्टल संशोधित पेनल्टी की गणना करेगा. इसके बाद भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलेगा. जरूरत पड़ने पर केस के आधार पर 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी मिल सकती है. भुगतान पूरा होने के बाद EPFO की ओर से डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित Settlement Certificate जारी किया जाएगा. इसके बाद योजना के तहत आने वाले संबंधित कोर्ट या ट्रिब्यूनल मामलों को खत्म किया जा सकेगा. EPFO के 153 क्षेत्रीय कार्यालयों में VISHWAS सेल और हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, जहां पात्र नियोक्ताओं को आवेदन और निपटारे की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है.



