Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं और चोरी के मामले के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक अब 11 जुलाई की बजाय 6 जुलाई को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में ट्रस्ट के भविष्य, संगठनात्मक ढांचे और शीर्ष पदाधिकारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, बैठक में ट्रस्ट के पुनर्गठन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इसके साथ ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा भेजे गए इस्तीफों पर भी विचार किया जा सकता है। बैठक में राम मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति, ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे और आगे की कार्ययोजना पर भी विस्तार से मंथन होगा।
अयोध्या में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले पर सियासत तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को सोमवार देर रात अयोध्या में पुलिस ने नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि वह कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय के घेराव की तैयारी कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 11:30 बजे पुलिस अयोध्या के एक होटल पहुंची, जहां अजय राय ठहरे हुए थे। इसके बाद उन्हें वहां से कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस ले जाया गया। कांग्रेस का आरोप है कि उन्हें प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए नजरबंद किया गया।
अजय राय ने मंगलवार को राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय का घेराव करने और चढ़ावा चोरी के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसी सिलसिले में वह अपने समर्थकों और कांग्रेस नेताओं के साथ अयोध्या पहुंचे थे। इस बीच अजय राय की पत्नी रीना राय ने वाराणसी से एक वीडियो जारी कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके पति की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और पुलिस द्वारा सहयोगियों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अजय राय को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित थी बैठक
राम मंदिर ट्रस्ट की यह बैठक पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे पूर्व निर्धारित तारीख से पहले 6 जुलाई को बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि चढ़ावा विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इन इस्तीफों पर अंतिम निर्णय भी इसी बैठक में लिया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट की जिम्मेदारियों में बदलाव के तहत पूर्व नौकरशाह नृपेंद्र मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रस्ट के पुनर्गठन पर लग सकती है मुहर
मौजूदा प्रशासनिक परिस्थितियों और आंतरिक चुनौतियों को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, ट्रस्ट को भंग किए जाने या नए ट्रस्ट के गठन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में इस संबंध में अंतिम फैसला 6 जुलाई की बैठक के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ये भी पढ़ें:
दान विवाद की जांच भी जारी
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच भी तेजी से जारी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ आरोपियों द्वारा अपने मोबाइल फोन का डेटा मिटाने या फोन फॉर्मेट करने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस मामले में बैंक अधिकारियों और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया से जुड़े कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जानिए अब तक क्याक्या हुआ
7 जून :
7 जून को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले को हवा देते हुए योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उनकी ‘डबल इंजन’ सरकार, ड्रोन और दूरबीन सही से काम कर रहे होते, तो विपक्ष को सवाल उठाने का मौका ही नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि आस्था के पैसे में चोरी गंभीर चिंता का विषय है।
इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी इस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर दान की चोरी बेहद गंभीर है। इसकी पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
10 जून:
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कानपुर दौरे के दौरान चंदा चोरी की बातें सामने आने की बातों को स्वीकारा। उन्होंने साफ किया कि सरकार इसकी जांच करवा रही है और जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
13 जून :
13 जून को मामले को बढ़ता देख सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 3 सदस्यों की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन हुआ।
14 जून :
मंदिर के दान पेटी से निकले कैश की गिनती से जुड़े एक कर्मचारी के घर पर गोबर में दबे 10 लाख रुपए कैश मिले। इसके बाद मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है।
1718 जून :
इस पूरे मामले में पहला और सबसे बड़ा नाम रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का सामने आया। टिन्नू पहले राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर थे और अब उनके सहयोगी बताए जाते हैं। आरोप है कि बीते कुछ सालों में उन्होंने अयोध्या और लखनऊ में करीब 50 करोड़ रुपये की चलअचल संपत्ति खड़ी कर ली है। राम मंदिर से महज डेढ़ किलोमीटर दूर उनका पुश्तैनी घर है, जहां जांच एजेंसी द्वारा सोना बरामद करने की भी खबर आई।
22 जून :
अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले में जनहित याचिका दाखिल की गई। जिसमें सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच और कैग ऑडिट की मांग की गई है।
23 जून:
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मंगलवार सुबह अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी।
24 जून:
अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय से भेजी गई।
25 जून:
दान चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई है।
26 जून :
26 जून को चंपत राय ने इस्तीफा दिया
28 जून :
रविवार 28 जून की सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने जेल में बंद सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की।
29 जून :
राम मंदिर चढ़ावा मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया।
ये भी पढ़ें:



