हैदराबाद में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध मौत की जांच अब बेहद रहस्यमयी मोड़ पर पहुंच गई है. पुलिस अब उस देवी की मूर्ति की तलाश में जुटी है, जिसे कथित तौर पर युवती अपनी मौत से ठीक पहले पास के मंदिर से उठाकर तालाब में ले गई थी. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मूर्ति पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम सबूत साबित हो सकती है. मृतका की पहचान तेजस्विनी के रूप में हुई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि घटनाक्रम के कई पहलू अब भी स्पष्ट नहीं हैं. इसलिए हर एंगल से जांच की जा रही है.

पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन तेजस्विनी ने कथित तौर पर पहले अपने कपड़े उतार दिए थे, फिर पास के एक मंदिर में पहुंचकर अम्मावारु देवी की मूर्ति उठाई और उसे लेकर नजदीकी तालाब की ओर चली गई. इसके बाद उसने तालाब में छलांग लगा दी. कुछ समय बाद उसका शव तो बरामद हो गया, लेकिन देवी की मूर्ति अब तक नहीं मिली है.
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यही वजह है कि पुलिस ने डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की मदद ली है. नावों और विशेष उपकरणों के साथ तालाब में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. जांच अधिकारियों का मानना है कि मूर्ति मिलने के बाद घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं.
इस बीच पुलिस ने तेजस्विनी की मां अरुणा से भी लंबी पूछताछ की है. साथ ही उस कथित आखिरी नोट की भी जांच की जा रही है, जो घटनास्थल से मिला बताया जा रहा है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसमें लिखी बातें किन परिस्थितियों की ओर इशारा करती हैं.
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. पुलिस को पता चला कि तेजस्विनी एक किराए के फ्लैट में रह रही थी, जिसके लिए वह कथित तौर पर करीब 3,500 रुपये प्रतिदिन यानी लगभग 1 लाख रुपये प्रति माह किराया दे रही थी. इतनी अधिक रकम का किराया क्यों दिया जा रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है.
पुलिस ने यह भी पाया कि जिस इमारत में वह रह रही थी, उसकी ऊपरी दो मंजिलों का इस्तेमाल कथित तौर पर लॉज की तरह किया जा रहा था. अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या इस इमारत, वहां रहने वाले लोगों या उसके संचालन का तेजस्विनी की मौत से कोई संबंध है.
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, बैंक और वित्तीय लेनदेन, कॉल डिटेल तथा चश्मदीदों के बयान खंगाल रही है. अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन जब तक सभी पहलुओं की जांच पूरी नहीं हो जाती, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.



