Himachal Se: साहिर लुधियानवी भारत के बेहद मशहूर और लोकप्रिय शायर और हिंदी सिनेमा के गीतकार थे। उन्हें अपनी बेबाक शायरी, रूमानियत और सामाजिक चेतना के लिए याद किया जाता है। साहिर स्वभाव से थोड़े बागी और संवेदनशील थे। कॉलेज के दिनों से ही उन्होंने छात्र आंदोलनों में भाग लेना और शायरी लिखना शुरू कर दिया था। साहिर ने हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक सदाबहार गाने दिए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने फिल्मी गानों को सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहने दिया, बल्कि उन्हें साहित्य के स्तर तक ऊंचा उठाया। ऐसे में यहां हम आपके लिए साहिर लुधियानवी के मशहूर शेर लेकर आए हैं। यहां पढ़ें साहिर लुधियानवी की शायरी।

साहिर लुधियानवी शायरी: कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया...यहां पढ़ें साहिर लुधियानवी की रूमानी शायरी​
साहिर लुधियानवी शायरी: कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया…यहां पढ़ें साहिर लुधियानवी की रूमानी शायरी​

Sahir Ludhianvi Shayari in Hindi 

1.कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया
बात निकली तो हर इक बात पे रोना आया

2. ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहां
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया

3. अपनी तबाहियों का मुझे कोई ग़म नहीं
तुम ने किसी के साथ मोहब्बत निभा तो दी

4. ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है
क्यूं देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम

5. अभी न छेड़ मोहब्बत के गीत ऐ मुतरिब
अभी हयात का माहौल ख़ुशगवार नहीं

6. हम ग़मज़दा हैं लाएं कहां से ख़ुशी के गीत
देंगे वही जो पाएंगे इस ज़िंदगी से हम

7. बर्बादियों का सोग मनाना फ़ुज़ूल था
बर्बादियों का जश्न मनाता चला गया

8. माना कि इस ज़मीं को न गुलज़ार कर सके
कुछ ख़ार कम तो कर गए गुज़रे जिधर से हम

9. संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
इक धुंद से आना है इक धुंद में जाना है

10. जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है
जंग क्या मसअलों का हल देगी