Smriti Irani Tribute Nana Patekar:  हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर  के निधन से फिल्म जगत के साथ उनके करीबी लोग भी गहरे सदमे में हैं। 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर  के निधन के बाद कई फिल्मी सितारों और नेताओं ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर नाना से जुड़ी अपनी यादें साझा की हैं।

स्मृति ईरानी ने एक्स पर लिखा कि, पूरी दुनिया उन्हें नाना पाटेकर के नाम से जानती थी, लेकिन वह उन्हें प्यार से ‘दादा’ कहकर बुलाती थीं। अपनी पोस्ट में स्मृति ने बताया कि कैमरे के सामने बेहद दमदार नजर आने वाले नाना असल जिंदगी में बेहद सहज और सादगी पसंद इंसान थे।

बिना औपचारिकता के था रिश्ता

Smriti Irani ने याद किए ‘दादा’ Nana Patekar, बोलीं: अपने हाथों से बनाकर खिलाया था खाना

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और अभिनेत्री स्मृति ईरानी ने एक बेहद भावुक संदेश साझा कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। स्मृति ईरानी ने लिखा कि दुनिया जिन्हें नाना… pic.twitter.com/AzJACoNTgb

— Bansal News Official October 8, 2026

स्मृति ईरानी ने बताया कि नाना के फोन अचानक आ जाते थे, लेकिन उनकी हर कॉल उनके लिए बेहद खास होती थी। न कोई औपचारिकता होती थी और न ही किसी तरह का दिखावा। बस नाना की वही जानीपहचानी आवाज सुनाई देती थी “कहां है रे?” स्मृति ने अफसोस जताया कि उनके पास नाना के साथ कोई तस्वीर नहीं है। उन्होंने कहा कि कभी उन्होंने सोचा ही नहीं था कि ऐसा भी दिन आएगा, जब साथ बिताई यादों को तस्वीरों में तलाशना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि वह कई बार खुद नाना को फोन कर देती थीं, खासकर तब जब फिल्म इंडस्ट्री के किसी युवा कलाकार या नाना के प्रशंसक से उनकी बात करवानी होती थी। नाना अपने सख्त अंदाज के पीछे छिपे स्नेह के साथ उनसे खुशीखुशी बात करते थे।

नाना के हाथ का खाना भी किया याद

स्मृति ईरानी ने नाना के साथ बिताए कई निजी पलों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि एक बार नाना उनके लिए खाना बना रहे थे। कोई खास मौका नहीं था, फिर भी नाना अपने सहज अंदाज में खाना बना रहे थे। यही छोटीछोटी यादें अब उनके लिए बेहद कीमती हो गई हैं। स्मृति ने नाना के साथ हुई अपनी आखिरी बातचीत को भी याद किया। उन्होंने लिखा कि नाना की आवाज आज भी उनके कानों में गूंजती है। नाना ने उनसे कहा था “आ रे पुणे, कधी येशील?” यानी पुणे आओगी, कब आओगी?

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स्मृति ने जवाब दिया था कि वह जल्द आएंगी। लेकिन अब उन्हें इस बात का अफसोस है कि वह ‘जल्द’ शायद काफी देर से आया। अपनी पोस्ट के आखिर में स्मृति ईरानी ने बेहद भावुक अंदाज में लिखा “दूसरी दुनिया में मिलेंगे, दादा।

शासकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

नाना पाटेकर   के मराठी और हिंदी सिनेमा में लंबे योगदान को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार शासकीय सम्मान के साथ किए जाने की जानकारी सामने आई है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनके पार्थिव शरीर को गोवा से मुंबई लाया जाएगा, जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए परिवार, करीबी और फिल्म जगत से जुड़े लोग पहुंच सकते हैं। नाना पाटेकर का जाना सिर्फ सिनेमा के लिए नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों के लिए भी एक बड़ी क्षति है, जिनके साथ उन्होंने पर्दे से इतर जिंदगी में भी गहरा रिश्ता बनाया था।

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