Microsoft Voluntary Exit Offer: दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है. कंपनी अब कर्मचारियों को अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने यानी वॉलेंटरी एग्जिट ऑफर दे रही है. एआई के दौर में अपने खर्चों को संभालने के लिए कंपनी ने ये कदम उठाया है. इस ऑफर को स्वीकार करने की आखिरी तारीख 1 दिसंबर 2026 तय की गई है. जो कर्मचारी इस ऑफर को चुनते हैं, कंपनी उन्हें खाली हाथ नहीं भेजेगी. इसके बदले में एक मजबूत फाइनेंशियल पैकेज दिया जा रहा है. ये ऑफर केवल लेवल 70 या उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए ही लागू किया गया है. कंपनी ने पात्र लोगों के ऑफिशियल ईमेल पर एक डायरेक्ट लिंक भेजा है.

वॉलेंटरी एग्जिट लेने पर कितना पैसा मिलेगा

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पे का एक सीधा नियम रखा है. कंपनी हर एक साल की पूरी सेवा के बदले 1 महीने की बेसिक सैलरी देगी. अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 1 लाख रुपये महीना है. उसने कंपनी में 2 साल काम किया है, तो उसे 2 लाख रुपये मिलेंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। 5 साल काम करने वाले को 5 लाख रुपये मिलेंगे. वहीं 8 साल का समय पूरा करने वाले को 8 लाख रुपये दिए जाएंगे.

कंपनी के कुछ आंतरिक लेवल के हिसाब से अलग नियम भी लागू हो सकते हैं. ऐसे मामलों में 1 लाख रुपये की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को कम से कम 2 महीने की सैलरी यानी 2 लाख रुपये मिलेंगे. वहीं अधिकतम 39 हफ्तों यानी करीब 9 महीने की सैलरी के बराबर 9 लाख रुपये तक मिल सकते हैं. अमेरिका में इस साल की शुरुआत में हुई छंटनी के दौरान भी सेवरेंस पैकेज 60 दिनों की बेसिक पे से शुरू होकर 39 हफ्तों तक गया था. वहां लेवल 64 या उससे नीचे के स्टाफ को हर 6 महीने की सेवा पर एक हफ्ते की बेसिक पे मिली थी. वहीं लेवल 65 से 67 वालों को दो हफ्ते का वेतन दिया गया था.

कैश के अलावा मिलने वाली सुविधाएं

माइक्रोसॉफ्ट के इस एग्जिट पैकेज में सिर्फ नकद पैसा ही शामिल नहीं है. कंपनी नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को तीन अन्य बड़े फायदे भी दे रही है. पहला फायदा हेल्थ इंश्योरेंस का है. कंपनी से अलग होने के बाद भी एक तय समय तक कर्मचारी के साथ उसके परिवार को माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलती रहेगी. हालांकि इसमें रिटायरमेंट प्रोग्राम की तरह लंबे समय वाला हेल्थकेयर शामिल नहीं है.

दूसरा बड़ा फायदा स्टॉक वेस्टिंग का है. अगर किसी कर्मचारी के पास कंपनी के अनवेस्टेड शेयर्स हैं, तो नौकरी छोड़ने के बाद भी अगले 6 महीने या कार्यकाल के हिसाब से उससे ज्यादा समय तक उनकी रेगुलर वेस्टिंग जारी रहेगी. तीसरी सुविधा करियर ट्रांजिशन सर्विसेज की है. कंपनी से बाहर जाने वाले लोगों को नई नौकरी ढूंढने, करियर प्लानिंग करने के अलावा नए स्किल्स सीखने के लिए माइक्रोसॉफ्ट प्रोफेशनल सपोर्ट भी उपलब्ध कराएगी.

ऑफर ठुकराने वालों के सामने क्या हैं विकल्प

ये ऑफर सभी टीमों के लिए नहीं है. बिजनेस लीडर्स खुद तय कर रहे हैं कि उनकी टीम इसमें शामिल होगी या नहीं. सेल्स, मार्केटिंग, कमर्शियल बिजनेस, सिक्योरिटी के अलावा डिस्कवरी व क्वांटम टीमों को इस ऑफर से पूरी तरह बाहर रखा गया है. दूसरी तरफ कोपायलट, कोरएआई, विंडोज प्लस डिवाइसेज, एक्सबॉक्स, फाइनेंस के साथ एचआर टीमें इस ऑफर का हिस्सा हैं. क्लाउड प्लस एआई व माइक्रोसॉफ्ट एआई की टीमें आंशिक रूप से इसमें शामिल हैं.

वहीं जो कर्मचारी ये वॉलेंटरी एग्जिट ऑफर नहीं लेंगे, वे अपनी मौजूदा भूमिकाओं में काम करते रहेंगे. कंपनी जरूरत पड़ने पर उन्हें कोई दूसरा प्रोजेक्ट या नई टीम भी सौंप सकती है. हालांकि इसमें एक बड़ा जोखिम भी है. अगर माइक्रोसॉफ्ट इस वॉलेंटरी ऑफर के जरिए अपना खर्च घटाने का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाती है, तो आने वाले समय में वह जबरन छंटनी का कदम उठा सकती है. छंटनी होने की स्थिति में कर्मचारियों को वॉलेंटरी एग्जिट जितना बेहतर आर्थिक पैकेज नहीं मिलता है.

खर्च घटाने के दबाव में कंपनी का नया प्रयोग

माइक्रोसॉफ्ट इस समय डेटा सेंटर्स के साथ एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है. इस वजह से कंपनी पर अपने ऑपरेटिंग खर्चों को कम रखने का भारी दबाव है. माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट व चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने इस ऑफर को कंपनी के लिए एक नया प्रयोग बताया है. उनका कहना है कि हर टीम या कर्मचारी के लिए एक ही नियम लागू नहीं हो सकता. कंपनी यह भी देख रही है कि क्या वॉलेंटरी एग्जिट को हर साल का एक नियमित हिस्सा बनाया जा सकता है. 60,000 कर्मचारियों में से कितने लोग इस डील को चुनते हैं.

इससे पहले इसी साल कंपनी ने पहला वॉलेंटरी रिटायरमेंट प्रोग्राम पेश किया था. वह ऑफर अमेरिका के करीब 8,750 कर्मचारियों को दिया गया था, जिसे लगभग 30 फीसदी लोगों ने स्वीकार किया. इसके लिए कंपनी ने अप्रैल में 900 मिलियन डॉलर का चार्ज बुक किया था. इससे छंटनी का आंकड़ा कम करने में मदद मिली. इसके बावजूद कंपनी ने जुलाई में दुनिया भर से 4,800 कर्मचारियों यानी कुल स्टाफ के 2.1 फीसदी को नौकरी से निकाला था. सितंबर में भी सैकड़ों लोगों की छंटनी हुई थी.