
गुना। गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बनेह में जमीन से महज 4-5 फीट की ऊंचाई पर लटक रहे 11 केवी (हाईटेंशन) बिजली के तारों की चपेट में आने से एक ऊंट की मौत हो गई। यह ऊंट राजस्थान से आए मारवाड़ी समाज के पशुपालकों का था। वहीं दूसरी ओर, शहर के जगनपुर चक्क स्थित पीएम आवास कॉलोनी में बिजली ठेकेदार ने मुख्य पेयजल पाइपलाइन के ऊपर ही बिजली के पोल गाड़ दिए हैं। इन दोनों अलग-अलग मामलों में विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
ग्राम बनेह के एक खेत में 11 केवी लाइन के तार काफी नीचे लटक रहे थे। ग्रामीणों ने कई बार विद्युत मंडल के कर्मचारियों से इस खतरे की शिकायत की थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। रविवार सुबह जब ऊंट खेत से गुजर रहा था, तभी वह इन लटकते तारों की चपेट में आ गया। मौके पर ही तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही झागर पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
पाइपलाइन फूटने पर पहले उखाड़ना पड़ा था बिजली का पोल बिजली विभाग की दूसरी लापरवाही पीएम आवास कॉलोनी में देखने को मिली है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि ठेकेदार ने स्वीकृत ड्राइंग को दरकिनार कर मनमाने तरीके से बिजली के पोल खड़े कर दिए हैं। मुख्य पानी की पाइपलाइन के ठीक ऊपर खंभे गाड़ दिए गए हैं। कुछ दिन पहले जब पानी की पाइपलाइन फूटी थी, तो उसे सुधारने के लिए पहले बिजली का पोल उखाड़ना पड़ा था। इसके बाद ही पेयजल सप्लाई बहाल हो पाई थी। इससे पहले भी गार्डन और पेड़ों के पास पोल गाड़ दिए गए थे, जिन्हें रहवासियों के विरोध के बाद हटाया गया।
नोडल अधिकारी नहीं आते, कलेक्टर से की गई शिकायत कॉलोनी के रहवासी आशीष पंत और ग्यारसीलाल वर्मा सहित अन्य लोगों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया, “पीएम आवास के नोडल अधिकारी सुनील जैन कभी क्षेत्र का दौरा नहीं करते हैं और न ही हमारी शिकायतों पर ध्यान देते हैं। छोटी-छोटी समस्याओं के लिए हमें सीधे कलेक्टर के पास जाना पड़ रहा है।” आक्रोशित नागरिकों ने अब जिला प्रशासन से मौके पर जांच कर स्वीकृत नक्शे के आधार पर ही पोल लगवाने की मांग की है।
ठेकेदार बोला- मुझे जैसे निर्देश मिले, मैं वैसा काम कर रहा हूं स्थानीय लोगों के विरोध और आरोपों पर विद्युत ठेकेदार दीपक शर्मा ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा, “मुझे विभाग से जैसे निर्देश मिले हैं, मैं वैसा ही काम कर रहा हूं। यदि विभाग पोल की जगह बदलने को कहेगा तो मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है।



