
उत्तर प्रदेश में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है. योगी सरकार ने ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के तहत कई बेहद महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं, जिससे गांवों में रहने वाले किसानों और पशुपालकों की किस्मत बदलने वाली है. इन सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों की आमदनी को दोगुना करना, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और पूरे उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के मामले में देश का नंबर वन राज्य बनाए रखना है.
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश पहले से ही देश के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक राज्यों की लिस्ट में टॉप पर शामिल है. यहां की एक बहुत बड़ी आबादी खेती-किसानी के साथ-साथ पशुपालन के जरिए अपना जीवनयापन करती है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार अब डेयरी सेक्टर को पूरी तरह से संगठित और आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है, ताकि ग्रामीण परिवारों को हर महीने एक फिक्स और स्थायी आमदनी मिल सके.
इन चार धासू योजनाओं के जरिए सरकार देगी बंपर आर्थिक मदद
नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत अलग-अलग वर्ग के पशुपालकों, छोटे किसानों और डेयरी क्षेत्र में कदम रखने वाले नए उद्यमियों के लिए चार विशेष योजनाएं लागू की गई हैं, जिनमें सरकार की तरफ से भारी-भरकम अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है.
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना
इस योजना के तहत जो लोग बड़े पैमाने पर आधुनिक डेयरी यूनिट्स या बड़ी डेयरी इकाइयां स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से 31.25 लाख रुपये तक का भारी अनुदान दिया जाएगा. इससे बड़े स्तर पर दूध का उत्पादन बढ़ेगा.
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना
यह योजना खास तौर पर छोटे पशुपालकों और ग्रामीण इलाकों के उन युवाओं के लिए है जो कम बजट में अपना काम शुरू करना चाहते हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को 11.80 लाख रुपये तक की बड़ी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी.
मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना
देशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने और उनके बेहतर संरक्षण के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है. इसके अंतर्गत देशी गायों का पालन करने वाले पशुपालकों को सरकार की तरफ से 80 हजार रुपये तक की डायरेक्ट आर्थिक मदद दी जाएगी.
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना
इस योजना के जरिए उन पशुपालकों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा जो डेयरी क्षेत्र में बेहतरीन और उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं. अच्छा काम करने वाले पशुपालकों को सरकार की तरफ से 10 हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को मिलेगा बंपर लाभ, रुकेगा पलायन
डेयरी क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का एक बहुत बड़ा जरिया साबित हो सकता है. जिन छोटे या सीमांत किसानों के पास खेती के लिए बहुत कम जमीन है, वे भी बेहद सीमित निवेश के साथ पशुपालन का काम शुरू कर सकते हैं और हर दिन अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं. सरकार की ये नई योजनाएं गांवों में स्वरोजगार को तो बढ़ावा देंगी ही, साथ ही काम की तलाश में गांवों से शहरों की तरफ होने वाले पलायन को रोकने में भी बहुत मददगार साबित होंगी.
डेयरी सेक्टर से रोजाना होगी नकद कमाई, मजबूत होगी आर्थिक स्थिति
कृषि और आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक, पारंपरिक खेती के मुकाबले डेयरी का व्यवसाय किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि यह उन्हें रोजाना नकद आय (डेली कैश फ्लो) उपलब्ध कराता है. आजकल बाजार में दूध, शुद्ध घी, दही, पनीर और खोया जैसे दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार तेजी से बढ़ रही है, जिसे देखते हुए यह पूरा सेक्टर बहुत तेजी से फैल रहा है. सरकार का असली लक्ष्य यही है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस आधुनिक डेयरी मॉडल से जोड़ा जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो सके.
किसान और पशुपालक ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
अगर आप भी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और पशुपालन या डेयरी बिजनेस से जुड़े हैं, तो आप इन शानदार सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए बिना किसी देरी के ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सरकार के इस आधिकारिक पोर्टल पर योजना से जुड़ी पात्रता, आवेदन करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीका, कौन-कौन से जरूरी दस्तावेज (Documents) लगेंगे और अनुदान की राशि आपके खाते में कैसे आएगी, इस सबकी पूरी और विस्तृत जानकारी दी गई है.



