Share Market : वैश्विक मोर्चे पर गहराते भूराजनीतिक संकट और मध्य पूर्व में अमेरिका व ईरान के बीच अचानक बढ़े सैन्य तनाव का सीधा और बड़ा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का भारी दबाव रहा, जिसके चलते बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस चौतरफा गिरावट के साथ ही घरेलू बाजार में पिछले लगातार दो दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला भी पूरी तरह टूट गया। ऑटो, सूचना प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में आए भारी दबाव के कारण प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 में करीब 0.50 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

बाजार के अंतिम आंकड़ों पर नजर डालें तो बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.48 प्रतिशत यानी 372.10 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 76,728.37 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मानक सूचकांक निफ्टी 50 भी 0.46 प्रतिशत या 109.75 अंक फिसलकर 23,946.25 के स्तर पर सिमट गया। बड़ी कंपनियों के साथसाथ व्यापक बाजार में भी सुस्ती का आलम रहा, जहां निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.37 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.62 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई, जो बाजार में चौतरफा बिकवाली के माहौल को बयां करता है।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो इस विपरीत परिस्थितियों में भी निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार को और अधिक गिरने से रोकने के लिए ढाल का काम किया। इसके विपरीत, ऑटो इंडेक्स पर बिकवाली का सबसे तगड़ा प्रहार हुआ और वह करीब 2 प्रतिशत की भारी गिरावट की चपेट में आ गया। ऑटो के अलावा निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी के शेयरों में भी 0.9 प्रतिशत से लेकर 1.3 प्रतिशत तक का तगड़ा नुकसान दर्ज किया गया। दिग्गज शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा , टीएमपीवी, इंडिगो और मारुति सुजुकी सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में शामिल रहे, जबकि मैक्स हेल्थकेयर, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, कोल इंडिया, एटर्नल, बीईएल और ट्रेंट के शेयरों में मजबूती देखी गई।
तकनीकी और आधिकारिक विश्लेषण के अनुसार, सोमवार के पूरे सत्र के दौरान घरेलू शेयर बाजार में अत्यधिक उतारचढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी पूरे दिन के दौरान करीब 195 अंकों के व्यापक दायरे में हिचकोले खाता रहा। दिन के पहले हिस्से में वैश्विक अनिश्चितता के कारण बाजार में तेज अस्थिरता हावी रही, जबकि दूसरे हिस्से में कारोबार काफी सीमित दायरे में सिमट गया और निफ्टी केवल 63 अंकों की रेंज में फंसा रहा। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक ‘बेयरिश कैंडल’ का निर्माण किया है, जो बाजार में अल्पकालिक कमजोरी आने का साफ संकेत देती है। हालांकि, तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी अभी भी अपने 20दिवसीय और 50दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बाजार को निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑस्सिलेटर्स के मुताबिक, फिलहाल बाजार में एक कंसोलिडेशन का दौर चल सकता है और आने वाले दिनों में इंडेक्स सीमित दायरे में ही कारोबार करता दिखेगा।
ग्लोबल टेंशन के बीच बाजार का यह बंद होना इस बात का पुख्ता संकेत है कि निवेशक इस समय किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के मूड में नहीं हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पैदा हुआ ताजा सैन्य गतिरोध आने वाले सत्रों में भी बाजार की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। भूराजनीतिक अनिश्चितता के इस दौर में कच्चे तेल की कीमतों का रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव जल्द शांत नहीं हुआ, तो आगामी दिनों में भारतीय शेयर बाजार को कंसोलिडेशन के दौर से गुजरते हुए और अधिक उतारचढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है, जिसके लिए निवेशकों को बेहद सतर्क रुख अपनाने की आवश्यकता है।



