भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि उनके इंटरनेशनल करियर की शुरुआत से ही दोनों के बीच मज़बूत रिश्ता रहा है और वे आज भी अपने खेल को बेहतर बनाने में एकदूसरे की मदद करते हैं। बुधवार को वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ भारत के दूसरे वनडे मैच से पहले JioStar से बात करते हुए रोहित ने कहा कि कोहली के साथ उनका रिश्ता भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के समय शुरू हुआ था और तब से यह रिश्ता मज़बूत बना हुआ है।

रोहित ने कहा कि मुझे लगता है कि हम साथ थे। मेरे ख्याल से इसकी शुरुआत तब हुई जब हम ऑस्ट्रेलिया में खेल रहे थे, या ऑस्ट्रेलिया के बाद जब हम भारत आए। तभी से यह शुरू हुआ, और जब भी यह टीवी पर दिखाया जाता है, हम एकदूसरे को देखकर हंसते हैं। यह अच्छी बात है; इसमें मज़ा आता है। लोगों को मसाला चाहिए होता है, तो लीजिए, यह रहा थोड़ा मसाला। दोनों खिलाड़ियों ने एकदूसरे के एक साल के अंदर ही इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया; रोहित ने 2007 में और कोहली ने 2008 में।

JioStar से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम दोनों ने लगभग एक ही समय पर खेलना शुरू किया था। मैंने 2007 में डेब्यू किया और उन्होंने 2008 में। तब से हम टीम के लिए अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, हम दोनों के बीच बहुत अच्छी बॉन्डिंग है और हम समझते हैं कि इस लेवल पर खेलने के लिए किस तरह की तैयारी और काबिलियत की ज़रूरत होती है। रोहित ने कहा कि सालों में अपनीअपनी भूमिकाओं में बदलाव के बावजूद, खेल के प्रति कोहली का नज़रिया वैसा ही है।

रोहित ने कहा कि तरीके अलगअलग हैं, ज़ाहिर है, लेकिन ऐसा ही होना चाहिए; हर व्यक्ति अलग होता है। उन्होंने टीम के लिए जो किया है, उस पर कोई सवाल नहीं है; यह पूछने की ज़रूरत नहीं है कि उन्होंने क्या किया है। यह सबके सामने है। और अब आगे वह क्या करने वाले हैं, मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ भी बदला है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वह वही कोहली रहेंगे जिन्हें हम जानते हैं: जो आना चाहते हैं, अच्छी तैयारी करना चाहते हैं, रन बनाना चाहते हैं और टीम इंडिया के लिए मैच जीतना चाहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हाँ, मैं उनमें यही देखता हूँ। जब वह कप्तान थे, तब भी लगभग ऐसा ही था। जब मैं कप्तान था, तब भी लगभग ऐसा ही था। और मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि कुछ भी बदलने की ज़रूरत है। रोहित ने कोहली के साथ आपसी तारीफ़ और क्रिकेट से जुड़ी बातचीत के बारे में भी बात की और कहा कि वे दोनों अपनेअपने खेल को बेहतर बनाने के तरीकों पर नियमित रूप से चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा कि तारीफ़, अगर कुछ अच्छा हुआ है तो दोनों तरफ़ से हमेशा तारीफ़ की गई है। मैं उनकी तारीफ़ करता हूँ कि उन्होंने क्या किया, खासकर तब जब उन्होंने टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली। उन्होंने उस टीम के साथ जो किया, वह शानदार था।