खालिस्तान कमांडो फोर्स के ऑपरेटिव सुखविंदर सिंह ढिल्लो को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. साल 1993 के आर्म्स एक्ट केस से जुड़े मामले में कोर्ट ने उसे जमानत दी है. उत्तर प्रदेश के नोएडा में 1993 में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था और इसी साल यूपी एटीएस और नोएडा पुलिस ने उसे पंजाब से गिरफ्तार किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1995 के बाद से वह कोर्ट में पेश नहीं हुआ था, जिसके बाद उसे फरार घोषित किया गया था. इसके बाद उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ था और फिर 31 साल बाद 18 फरवरी को वो गिरफ्तार हुआ.

हालांकि कोर्ट ने साक्ष्य देखने के बाद माना कि पहली नजर में अभियुक्त ने पूर्व में मिली स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया, न ही वह कानून की नजर में जानबूझकर फरार हुआ था. सुखविंदर सिंह ढिल्लो मूल रूप से पंजाब के कपूरथला का रहने वाला है. उसपर पंजाब में भी कई पुराने मामले दर्ज हैं. जेल से छूटने के बाद अगस्त 1995 के बाद से वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ था, जिसके चलते उसे गिरफ्तार किया गया था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि अब जस्टिस कृष्ण पहल की सिंगल बेंच ने उसे जमानत देने का आदेश दिया है.
1993 में भी मिली थी जमानत
यूपी पुलिस ने जब सुखविंदर सिंह ढिल्लो उर्फ दयाल सिंह उर्फ राकेश शर्मा उर्फ छिंदा को गिरफ्तार किया था, तब बताया था कि वो अवैध रूप से फायर आर्म्स रखने और उसके उपयोग करने से संबंधित एक मामले में वांछित था. पुलिस के मुताबिक, सुखविंदर को इससे पहले 18 अप्रैल 1993 को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था और उसके पास से एक एके56 राइफल और 121 कारतूस बरामद किए गए थे. इस मामले में उसे 9 दिसंबर 1993 को स्थानीय अदालत से जमानत मिल गई थी.
सुखविंदर पर कई मामले दर्ज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुखविंदर पर कपूरथला और जालंधर में हत्या के मामले, फागवारा में हत्या का प्रयास और एक लोक सेवक पर हमला करने के मामले, साथ ही कपूरथला में सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं.



