पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI ने छापा मारा है. मुख्यमंत्री मान ने एक्स पर किए एक ट्वीट में इसका दावा किया है. उन्होंने कहा, बीजेपी ने पंजाब चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है. मेरे कैंप ऑफिस पर CBI का छापा पड़ा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब पंजाब सरकार और मुझे बदनाम करने के लिए पंजाब में ED और CBI का गलत इस्तेमाल किया जाएगा. लोगों से मिल रहे प्यार से बीजेपी घबरा गई है. इसके अलावा CBI की टीम मुख्यमंत्री के OSD के घर भी पहुंची है.

दरअसल, पंजाब और चंडीगढ़ में कई जगहों पर सीबीआई ने छापा मारा है. जिस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सीबीआई ने उनके कैंप कार्यालय पर भी छापा मारा है.

ਭਾਜਪਾ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸ਼ੁਰੂ..ਮੇਰੇ ਕੈਂਪ ਆਫ਼ਿਸ ਵਿੱਚ CBI ਰੇਡ ਕੀਤੀ ਗਈ..ਹੁਣ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ED ਤੇ CBI ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ..ਤਾਂ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਮੈਨੂੰ ਬਦਨਾਮ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ..ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਮਿਲਦੇ ਪਿਆਰ ਨੂੰ ਦੇਖਕੇ ਭਾਜਪਾ ਘਬਰਾਹਟ ਵਿੱਚ ਹੈ..

— Bhagwant Mann October 6, 2026


उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए लिखा कि अब पंजाब में भी ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जाएगा.

हाई कोर्ट के आदेश के बाद एक्शन

ये CBI छापे हाई कोर्ट के आदेश के ठीक एक दिन बाद पड़े हैं. हाई कोर्ट ने 5 अक्टूबर को ही ट्रांसफर और पोस्टिंग के मामले में CBI जांच का आदेश दिया था. अब मंगलवार को CBI की एक टीम सीएम के कैंप ऑफिस पर पहुंची. सूत्रों के मुताबिक, टीम वहां रखे दस्तावेजों को खंगाल रही है.

कहा जा रहा है कि ये छापे ऐसे समय में पड़ रहे हैं जब सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर, पोस्टिंग और सरकारी कामकाज में कथित दखल से जुड़े एक मामले की सुनवाई होनी है.

अकाली ने छापे को ‘बड़ी कार्रवाई’ बताया

CBI के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इसे ‘CBI की बड़ी कार्रवाई’ बताया. उन्होंने इसे ‘भ्रष्टाचार के खेल के अंत की शुरुआत’ करार दिया.

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला ट्रांसफर, पोस्टिंग और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है. ED ने इस बारे में पंजाब के DGP को तीन पत्र लिखे थे, जिनमें कहा गया था कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और कुछ अन्य लोग जिनमें नितिन गोहल और बीर देविंदर भ्रष्टाचार में शामिल थे. इन पत्रों में आरोपों के सिलसिले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी.

ED ने लगाए गंभीर आरोप

ED के आरोपों के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन कथित तौर पर IAS और IPS अधिकारी भी शामिल थे. उनके ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़ा एक रैकेट चला रहे थे. एजेंसी का आरोप है कि वह प्रशासनिक ट्रांसफर और पोस्टिंग के साथसाथ सरकारी टेंडरों में भी दखल दे रहे थे.