दुनिया भर में पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष जैसे कई संकटों के बावजूद, भारत बड़े निवेश का केंद्र बना हुआ है. दुनिया की बड़ी कंपनियों के CEOs भारत के बाजार में पैसा लगाने को तैयार हैं. दरअसल जब दुनिया ट्रेड संकट और वेस्ट एशिया संकट से जूझ रही थी, तब ग्लोबल बोर्डरूम भारत में नए निवेश की तैयारी कर रहे थे.

दुनिया की किन बड़ी कंपनियों ने भारत में निवेश की तैयारी की है और वह यहां कितना पैसा लगाने जा रहे हैं. यहां देखें ग्लोबल CEO और कंपनियों द्वारा घोषित कुछ बड़े निवेशों की जानकारी…
18 फरवरी 2026 Google: $15 बिलियन
Google ने भारत में सबसी कनेक्टिविटी, डेटा सेंटर, क्लाउड क्षमता और AI स्किलिंग सहित पांच साल के लिए 15 बिलियन डॉलर के AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान की घोषणा की.
9 मार्च 2026 ABB: $75 मिलियन
ABB ने अहम इंडस्ट्रियल सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और R&D क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारत में 75 मिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की.
5 जून 2026 AirTrunk: $30 बिलियन
ऑस्ट्रेलिया की AirTrunk ने 2030 तक भारत में 5 GW डेटा सेंटर क्षमता बनाने के लिए $30 बिलियन निवेश करने की योजना का ऐलान किया.
17 जून 2026 CPP Investments: ₹7,000 करोड़
Canada Pension Plan Investment Board ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और हाइपरस्केल डेटा सेंटर क्षमता को बढ़ाने के लिए CtrlS Datacenters के साथ ₹7,000 करोड़ तक के निवेश का वादा किया.
18 जून 2026 SaintGobain: €1 बिलियन
SaintGobain ने अगले पांच सालों में भारत में €1 बिलियन के और निवेश की घोषणा की और भारत को अपने सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक बताया.
25 जून 2026 Amazon: $48 बिलियन
अमेजन के CEO एंडी जेसी ने PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और 2030 तक अमेजन के भारत निवेश को $48 बिलियन तक ले जाने की योजना की घोषणा की, जिसमें नए AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार शामिल है. एंडी ने इस बारे में कहा, हम एक दशक से ज़्यादा समय से भारत में ग्राहकों, विक्रेताओं, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और कंपनियों को सेवाएं दे रहे हैं और अभी तो बस शुरुआत ही हुई है हम अगले पांच सालों में 48 बिलियन डॉलर का निवेश कर रहे हैं, जिसमें AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में 21 बिलियन डॉलर से ज़्यादा का निवेश शामिल है.
भारत बना बड़ा ग्रोथ इंजन
यह बात साफ है कि दुनिया भर के CEO भारत को अगले बड़े ग्रोथ इंजन के तौर पर देख रहे हैं और वे अभी से ही यहां बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं. भारत निवेश के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरा है. 200314 के दौरान विदेशी प्रत्यक्ष निवेश का प्रवाह लगभग ₹29 लाख करोड़ था, जो 201425 के दौरान बढ़कर ₹70 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया. यह भारत की आर्थिक क्षमता में दुनिया के बढ़ते भरोसे को दिखाता है.
क्या है भारत की अनोखी क्षमता?
हाल ही में राजधानी दिल्ली में रिपब्लिक समिट में बोलते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया था कि राष्ट्र प्रथम की भावना ही भारत की उपलब्धियों और एक भरोसेमंद वैश्विक शक्ति के रूप में इसके उभरने के पीछे मुख्य सिद्धांत रही है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसी सभ्यता है जिसकी ऐतिहासिक यादें बहुत पुरानी हैं और जिसमें तरक्की और मुश्किल हालात, दोनों से ही सीख लेने की अनोखी क्षमता है.
उन्होंने कहा कि आज लिए जा रहे फ़ैसले और उठाए जा रहे कदम आने वाली सदियों के लिए देश के भविष्य की नींव रख रहे हैं. उन्होंने कहा, देश न सिर्फ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के तौर पर उभरा है, बल्कि एक भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार के रूप में भी सामने आया है. भारत का उदय भरोसे, स्थिरता और व्यापक वैश्विक भलाई के प्रति प्रतिबद्धता पर टिका है.



