
बुलंदशहर । वर्ष 2003 में आई फिल्म ‘बागबान’ का वह दौर आज भी लोगों के जेहन में ताजा है, जहां चार बेटों ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को आपस में बांट दिया था। रील लाइफ की यह दर्दनाक कहानी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद क्षेत्र में हकीकत बनकर सामने आई है। जिस उम्र में जीवनसाथी के सहारे और बेटों की सेवा की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी उम्र में बेटों के निर्मम फैसले ने 50 साल से अधिक पुराने दांपत्य जीवन को तलाक की दहलीज पर ला खड़ा किया।
जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर मांगा तलाक
पीड़िता 75 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी 70 वर्षीय पत्नी सिकंदराबाद के एक गांव के रहने वाले हैं। उनके चार बेटे हैं, लेकिन बुढ़ापे में सेवा का भाव रखने के बजाय बेटों ने ‘बागबान’ की तर्ज पर माता-पिता का बंटवारा कर दिया। दो बेटों ने मां को अपने पास रख लिया और दो ने पिता को। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर एक-दूसरे से जबरन अलग किए गए बुजुर्ग दंपति अलग-अलग छतों के नीचे रहने को मजबूर हो गए।
गलतफहमियां बढ़ने से बढ़ा विवाद
इस अलगाव ने समय के साथ कड़वाहट और दूरियों का रूप ले लिया। फोन पर बातचीत और यदा-कदा मुलाकातों में दोनों के बीच गलतफहमियां इतनी बढ़ गईं कि विवाद गहराता चला गया। आहत होकर 70 साल की वृद्धा महिला न्याय की गुहार लेकर पुलिस की चौखट पर पहुंच गईं और अपने 75 वर्षीय पति से तलाक की मांग कर दी।
तलाक की अर्जी देखकर काउंसलर्स भी हैरान
मामला महिला परामर्श केंद्र (महिला सेल) पहुंचा तो वहां मौजूद काउंसलर्स भी इस उम्र में तलाक की अर्जी देखकर हैरान रह गए। काउंसलर्स ने बुजुर्ग दंपति को एक साथ लाने और उनके बीच सुलह कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन अलगाव के कारण उनके रिश्तों में पड़ी दरार इतनी गहरी हो चुकी थी कि दोनों में से कोई भी अब साथ रहने को तैयार नहीं हुआ।



