गुरुवार को बिटकॉइन में लगभग 11 फीसदी की तेजी आई और यह 71,000 डॉलर के स्तर से ऊपर ट्रेड करने लगा, जो पिछले दो महीनों में इसका सबसे ऊंचा स्तर है. इस तेजी से कुल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 190 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के क्रिप्टो इंडस्ट्री के अधिकारियों समेत टेक लीडर्स को संबोधित करने के बाद बाजार का मूड पॉजिटिव हुआ. बिटकॉइन लगभग 71,730 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था. पिछले 24 घंटों में, इथेरियम 2.79 फीसदी बढ़कर 2,285 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था. प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में, बीएनबी, एक्सआरपी, सोलाना, ट्रोन, हाइपरलिक्विड, डॉडेकॉइन और कारडानो में 26.26 फीसदी तक की तेजी देखी गई.

190 बिलियन डॉलर का इजाफा
कॉइनडीसीएक्स रिसर्च टीम ने बताया कि हाल के समय में बिटकॉइन में जबरदस्त उछाल देखा गया और यह 70,000 डॉलर के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. पिछले 24 घंटों में कुल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 190 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई, जबकि 2.74 बिलियन डॉलर से ज्यादा की शॉर्ट पोजीशन लिक्विडेट हुईं. ट्रंप के टेक लीडर्स और क्रिप्टो एग्जीक्यूटिव्स के साथ बातचीत के बाद क्रिप्टो मार्केट में तेजी आई. कॉइनडीसीएक्स रिसर्च टीम के अनुसार, ट्रंप ने कांग्रेस से ‘क्रिप्टो क्लैरिटी एक्ट’ पास करने को कहा और बताया कि कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन ‘हाइपरलिक्विड’ को यूएस मार्केट में लाने पर काम कर रहा है.
ईटीएफ में निवेश
कॉइनमार्केटकैप के अनुसार, ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन 9.76 फीसदी बढ़कर 2.41 लाख करोड़ डॉलर हो गया. ईटीएफ में पैसे के फ्लो से भी संकेत मिले कि मार्केट में नया पैसा वापस आ रहा है. जियोटस के सीईओ विक्रम सुब्बुराज ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि 10 से 14 अगस्त के बीच यूएस स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से कुल 385.2 मिलियन डॉलर बाहर निकले, लेकिन अगले तीन ट्रेडिंग सेशन में इसमें 651 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि धीरेधीरे खरीदारी, छोटे साइज की पोजीशन और 68,500 डॉलर के लेवल पर बारीकी से नजर रखने से ज्यादा संतुलित प्रतिक्रिया मिल सकती है, जबकि मार्केट यह तय कर रहा है कि 70,000 डॉलर का लेवल एक बड़ी बढ़त है या सिर्फ एक अस्थायी ऊपरी सीमा.
इनमें आई गिरावट
पिछले हफ्ते बिटकॉइन और इथेरियम में क्रमशः 13 फीसदी और 21.72 फीसदी की बढ़त हुई. प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में BNB, XRP, सोलाना, हाइपरलिक्विड, डॉजकॉइन और कार्डानो में 29.64 फीसदी तक की तेजी आई, जबकि ट्रॉन में 0.20 फीसदी की गिरावट हुई. CoinSwitch में इंडिया बिजनेस के वीपी बालाजी श्रीहरि ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि बिटकॉइन का 71,000 डॉलर से ऊपर जाना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लंबे समय से चले आ रहे कंसोलिडेशन से व्यापक रिकवरी की ओर संभावित बदलाव का संकेत देता है. ट्रेजरी यील्ड में कमी और डॉलर के कमजोर होने से लिक्विडिटी की स्थिति बेहतर हुई है, जबकि ईटीएफ में लगातार पैसे आने और रेगुलेटरी क्लैरिटी पर प्रगति से इस तेजी को और मजबूती मिल रही है.



