कर्नाटक में वोटर लिस्ट की जांच के दौरान एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जिसने सबका ध्यान खींचा है. देश में वोटर लिस्ट से विदेशी नागरिकों के नाम हटाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कर्नाटक में जांच के दौरान सिर्फ एक बांग्लादेशी नागरिक का नाम मिलने की बात सामने आई है. वहीं, पूरे राज्य में वोटर लिस्ट में कुल 771 विदेशी नागरिकों के नाम होने की जानकारी दी गई है. इनमें सबसे बड़ी संख्या नेपाली नागरिकों की है.

ये मामला इसलिए भी अहम है, क्योंकि इलेक्शन कमीशन वोटर लिस्ट को सही और अपडेट करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की प्रक्रिया चला रहा है. इसका मकसद वोटर लिस्ट में मौजूद गलतियों को दूर करना और ऐसे नामों की पहचान करना है, जो नियमों के मुताबिक लिस्ट में नहीं होने चाहिए. हाल ही में चुनाव आयोग ने कर्नाटक की फाइनल वोटर्स लिस्ट जारी की है, जिसमें लगभग 1 करोड़ लोगों का नाम कटा है.
SIR में नेपाली नागरिकों के नाम सामने आए
वहीं बेंगलुरु के फाइनल वोटर लिस्ट में 59 लाख से ज्यादा लोगों का नाम आया है. SIR के पहले बेंगलुरु में वोटरों की संख्या 1 करोड़ के करीब थी. अब फाइनल लिस्ट में विदेशियों में नेपाली नागरिकों की संख्या ज्यादा आई है, जिसमें सबसे ज्यादा बेंगलुरु नॉर्थ चुनावी जिले में 542 है. रिपोर्ट के मुताबिक, SIR के दौरान कुल 688 नेपाली नागरिकों के नाम सामने आए हैं. भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से लोगों का आनाजाना होता रहा है. रोजगार, कारोबार और दूसरी वजहों से नेपाली मूल के लोग भारत के अलगअलग हिस्सों में रहते हैं.
बेंगलुरु की फाइनल वोटर लिस्ट: 59 लाख से ज्यादा मतदाता
कुल विदेशी नागरिक: 771
नेपाली नागरिक: 688
बांग्लादेशी नागरिक: 1
46.88 लाख नाम ASDDO कैटेगरी में
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने 27 अक्टूबर को वोटर लिस्ट की अंतिम संस्करण जारी किया. इसके मुताबिक, बेंगलुरु की 28 विधानसभा सीटों पर कुल 46.88 लाख नाम ASDDO कैटेगरी के तहत हटाए गए हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस कैटेगरी में ऐसे मतदाता शामिल हैं, जो अपने पते पर नहीं मिले, दूसरी जगह जा चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जिनके नाम दो बार दर्ज थे या जिनके मामले अन्य श्रेणियों में आते हैं. विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बेंगलुरु साउथ में सबसे ज्यादा 3.63 लाख नाम हटाए गए हैं.
कहांकहां कितने नाम काटे गए हैं?
इसके बाद महादेवपुरा में 2.96 लाख, बोम्मनहल्ली में 2.65 लाख और के आर पुरम में 2.58 लाख नाम सूची से बाहर किए गए. खास बात यह है कि इन चारों विधानसभा क्षेत्रों में फिलहाल बीजेपी के विधायक हैं. पूरे बेंगलुरु में नाम हटाए जाने के कारणों को देखें तो 32.74 लाख मतदाताओं को स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित बताया गया है.
किन विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नाम हटे?
बेंगलुरु साउथ: 3.63 लाख
महादेवपुरा: 2.96 लाख
बोम्मनहल्ली: 2.65 लाख
के. आर. पुरम: 2.58 लाख
वहीं, 7.27 लाख मतदाता अनुपस्थित पाए गए और 3.19 लाख लोगों की मृत्यु दर्ज की गई. इसके अलावा, 3.04 लाख नाम अन्य की कैटेगरी में रखे गए, जबकि 63,549 नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज होने के कारण हटाए गए.


