Modern Dating Tips: आज के समय में डेटिंग किसी कमिटमेंट या जानपहचान तक सीमित नहीं है और न ही यह किसी नए इंसान से मिलने का जरिया भर है। पहली डेट के बाद कई लोग घंटों तक कुछ न कुछ सोचते रहते हैं, जैसे उन्होंने कुछ गलत तो नहीं कहा, सामने वाले ने देर से मैसेज क्यों किया या फिर उन्हें कुछ अलग ऑर्डर करना चाहिए था।

खासकर ओवरथिंक करने वाले लोगों के लिए पहली डेट एक एग्जाम की तरह होती है।

ऐसे ओवरथिंक करने वालों की समस्या को कम करने के लिए एक नई थ्योरी लोकप्रिय हो रही है, जिसे 3P Theory कहते हैं। इस के अनुसार, हर पहली डेट तीन में से किसी एक चीज पर खत्म होगी, यानी Potential , Plot और Practice । इसका मकसद है कि यदि रिश्ता आगे नहीं चलता है, तो भी वो डेट बेकार नहीं जाएगी।

क्या है 3P थ्योरी?

3P थ्योरी लोगों को यह समझाती है कि पहली डेट को सिर्फ इस आधार पर जज  नकरें कि वो सफल या असफल होगी। हर मुलाकात आपको कुछ न कुछ सिखाकर जाती है। इससे डेटिंग को लेकर दबाव कम होता है और लोग ज्यादा कंफर्टेबल महसूस करते हैं।

  • Potential

इसकी उम्मीद हर व्यक्ति पहली डेट पर करता है। अगर बातचीत अच्छी हो, दोनों के बीच बॉन्डिंग महसूस हो और दोबारा मिलने की इच्छा हो, तो इसका मतलब है कि इस रिश्ते में आगे बढ़ने की संभावना है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि आपको पहली ही मुलाकात में अपना जीवनसाथी मिल गया है। बस इतना समझिए कि दोनों के बीच कंपैटिबिलिटी च्छी बन रही है। सामने वाले को थोड़ा और जानने की इच्छा हो सकती है।

  • Plot

हर डेट सक्सेसफुल हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार सामने वाला व्यक्ति लगातार एक ही टॉपिक पर बात करता रहता है, कई बार वो अपनी प्रोफाइल से बिल्कुल अलग निकलता है और असलियत में आप बात करने के दौरान समझ पाते हैं।

3P थ्योरी के अनुसार इसे फेल डेट नहीं कहा जा सकता है। यह आपके जीवन की एक दिलचस्प कहानी बन जाती है, जिसे बाद में दोस्तों के साथ शेयर करके हंसा जा सकता है। इस नजरिए से देखने पर रिजेक्शन का दर्द भी काफी हद तक कम हो जाता है।

  • Practice

3P थ्योरी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अनुभव है। हर डेट आपको कुछ नया सिखाती है। आप बेहतर तरीके से बातचीत करना सीखते हैं, अपनी बाउंड्री तय करना सीखते हैं, समझते हैं, पहचानते हैं और यह भी जान पाते हैं कि आपको अपने पार्टनर में क्या चाहिए या क्या नहीं चाहिए।

लगातार नए लोगों से मिलने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है और हर छोटी बात को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने की आदत धीरेधीरे कम होने लगती है।

नई जेनेरेशन को क्यों लुभा रही है 3P थ्योरी

आज के दौर में डेटिंग ऐप्स और ने रिश्तों को काफी जटिल बना दिया है। लोगों के सामने जरूरत से ज्यादा ऑप्शन है, इससे चुनने का प्रेशर बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर दिखने वाले परफेक्ट रिश्ते भी कई बार लोगों की उम्मीदें बढ़ा देते हैं। ऐसे में 3 पी थ्योरी रिश्तों को सहजता से स्वीकारना सिखाती है। यह खुद को समझने, नए लोगों से मिलने और जीवन के अनुभव हासिल करने का एक जरिया है।