बीजेपी ने आठ प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है, सपा दो प्रत्याशियों का नामांकन पहले ही करवा चुकी है. अखिलेश यादव ने तीसरे प्रत्याशी पर सस्पेंस बरकरार रखते हुए संख्या जुटाने की बात कही थी और ये भी कहा था कि हमारे कुछ लोग उधर से वापस आना चाहते हैं. कल यानी 6 अक्टूबर नामांकन का आखरी दिन, ऐसे में यदि कर सपा तीसरे प्रत्याशी वाला सरप्राइज देती है तो चुनाव में कंटेस्ट होना तय है.

अगर प्रत्याशियों की संख्या आठ और दो तक सीमित रहती है तो ऐसे में चुनाव नहीं होगा और निर्विरोध सभी दस प्रत्याशियों को चुना हुआ माना जाएगा. ऐसे में सभी निगाहें कल पर और के अगली चाल पर टिकीं हैं.

क्या चुनाव में वोटिंग की नौबत ला कर खेला करने का प्रयास करेंगे अखिलेश यादव? या बीजेपी को परेशान करने के लिहाज से ही कैंडिडेट मैदान में उतारेंगे? सपा के लिए दो सीटें सिक्योर हैं, लेकिन तीसरा कैंडिडेट मतलब तोड़जोड़ और क्रॉस वोटिंग का खतरा है.

सपा के दो उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन

सपा पहले ही पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बना चुकी है. दोनों ने लखनऊ में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है.

पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि जरूरी संख्याबल पूरा होने के बाद पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारेगी. अब हमारा तीसरा उम्मीदवार मंगलवार को नामांकन दाखिल करेगा. हमें भरोसा है कि हम भाजपा को करारी शिकस्त देंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, चांद ने यह नहीं बताया कि पार्टी का तीसरा उम्मीदवार कौन होगा.

इससे पहले पार्टी सांसद वीरेंद्र सिंह और विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इसी तरह के संकेत दिए थे. मंगलवार को यह साफ हो जाएगा कि 16 अक्टूबर के चुनाव में मुकाबला होगा या नहीं.

राज्यसभा चुनाव को लेकर गरमाई सियासत

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और बी. एल. वर्मा समेत उत्तर प्रदेश के सभी 10 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है, जिसकी वजह से राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं. भाजपा और सपा उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीट पर होने वाले चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं. भाजपा के पास सीधे तौर पर सात सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल है.