बिहार विधान परिषद चुनाव में जेडीयू नेता नीरज कुमार ने पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर बड़ी जीत हासिल की. ​​इस बीच उन्होंने गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की है. नीरज उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी से भी मुलाकात कर चुके हैं. वहीं, जब उनसे पार्टी नेता ललन सिंह से मुलाकात करने को लेकर सवाल किया गया तो वे भड़क गए. उन्होंने तपाक से जवाब दिया है कि कोई सवाल ही नहीं बनता. नीरज के जवाब के बाद एक बार फिर जेडीयू की आपसी कलह सामने आ गई है.

मीडिया से बात करते हुए ललन सिंह से मुलाकात पर उन्होंने कहा, ‘सवाल ही नहीं है. मेरा क्या गुनाह है? मुझे चुनाव प्रक्रिया में इतनी परेशानी क्यों झेलनी पड़ी? मैं राजनीति के कर्ज को सूद के साथ वापस करूंगा.’ मोकामा विधायक अनंत सिंह पर उन्होंने कहा कि धनबल और बाहुबल की राजनीति अब नहीं चलेगी. हमारी जमानत जब्त करा रहे थे, अब अपना तबीयत ठीक है की नहीं.’

ललन सिंह ने की थी मध्यस्थता कराने की कोशिश

दरअसल, शुरुआत में अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश ललन सिंह ने की थी. हालांकि, ललन सिंह ने अनंत सिंह के कार्यों को सही ठहराते हुए कहा था कि नीरज कुमार ने पहले भी अनंत सिंह को हराने की कोशिश की थी. उन्होंने अनंत सिंह के मौजूदा कदमों को उसी घटना की प्रतिक्रिया बताया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अनंत सिंह ने ‘जन सुराज’ के उम्मीदवार अनुज सिंह को अपना समर्थन दिया और खुलकर उनके लिए प्रचार किया था.

अनंत सिंह को 6 साल के लिए JDU से निकाला गया

विधान परिषद के चुनाव मतदान संपन्न होने के बाद जेडीयू ने पार्टी के खिलाफ बारबार बयान देने के लिए अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया था. जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इस कार्रवाई की घोषणा की. उन्होंने इसके पीछे कई कारण बताए, जिनमें पार्टी के निर्देशों का बारबार उल्लंघन करना, पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करना और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पार्टी उम्मीदवार का विरोध करना व ‘जन सुराज’ से जुड़े उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करना शामिल है. पार्टी ने अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी थी और उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के कारण छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था.

संजय झा से मुलाकात पर नीरज कुमार क्याक्या कहा?

इधर, संजय झा से मुलाकात पर नीरज कुमार ने कहा, ‘आज मैंने हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की और जैसा कि उम्मीद थी कि मुझे उनका स्नेह मिला. चुनाव के दौरान संगठन की गतिविधियों को तय करने में उनकी सक्रिय भूमिका वाकई सराहनीय रही. मैंने उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी से भी मुलाकात की. उनका आशीर्वाद और स्नेह ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है. हमने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की बदौलत इस चुनावी सफर को पूरा किया. धर्म और अधर्म के बीच के इस ‘धर्मयुद्ध’ में हमारी पार्टी और NDA मजबूती से डटे रहे.’ नीरज ने जीत हासिल करने के बाद नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य एनडीए नेताओं को धन्यवाद दिया था.