
Gold Loan: देश में गोल्ड लोन का चलन बीते काफी समय से तेजी से बढ़ा है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि गोल्ड के बदले आसानी से लोन मिल जाता है और कई मामलों में ब्याज दर भी पर्सनल लोन की तुलना में कम हो सकती है। हालांकि गोल्ड लोन लेने के लिए आमतौर पर इनकम प्रूफ की जरूरत नहीं होती, क्योंकि लोन के बदले सोना गिरवी रखा जाता है। हालांकि, Gold Loan लेने से पहले कुछ जरूरी बातों को समझना बेहद जरूरी है।आइए जानते हैं किन बातों का रखें ध्यान।
Gold Loan: अपनी जरूरत के हिसाब से चुनें बैंक या एनबीएफसी
गोल्ड लोन लेते समय बैंक और Non-Banking Financial Company (NBFC) के विकल्पों की तुलना जरूर करें। क्योंकि आमतौर पर बैंक अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर लोन दे सकते हैं, जबकि कुछ NBFC अधिक लोन राशि की पेशकश कर सकती हैं। NBFC का मुख्य कारोबार ही गोल्ड के बदले लोन देने से जुड़ा होने के कारण कई बार वहां लोन की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों और NBFC की ब्याज दर, लोन राशि, प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्जेस की तुलना करना फायदेमंद रहेगा।
गोल्ड बार के बदले में नहीं मिलता गोल्ड लोन
गोल्ड लोन के लिए आमतौर पर ज्वैलरी और कुछ शर्तों के साथ सोने के सिक्कों को गिरवी रखा जाता है। आपके दिए गए स्रोत के अनुसार, लोन के लिए कम से कम 18 कैरेट शुद्धता वाला सोना होना चाहिए। हालांकि, बैंक और एनबीएफसी आमतौर पर गोल्ड बार को गिरवी रखकर लोन नहीं देते। सोने के सिक्कों के मामले में भी उनकी शुद्धता का ध्यान रखा जाता है। इसके अलावा, आपके दिए गए स्रोत के मुताबिक बैंक या NBFC 50 ग्राम से ज्यादा वजन के सोने के सिक्के गिरवी के तौर पर स्वीकार नहीं करते।
Extra Charges का भी रखें ध्यान
Gold Loan लेते समय सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला न करें। लोन पर लगने वाले Processing Fee और अन्य Charges की जानकारी पहले ही ले लें। अलग-अलग बैंक और NBFC की प्रोसेसिंग फीस अलग हो सकती है और कुछ संस्थान इसे नहीं भी लेते हैं। इसके अलावा, प्रोसेसिंग फीस पर GST भी लागू हो सकता है। कुछ बैंक या NBFC Gold Valuation Fee भी लेते हैं, जो आपके दिए गए विवरण के अनुसार 250 रुपये से शुरू हो सकती है। इसके साथ ही लोन की शर्तों में डिफॉल्ट होने पर लगने वाले चार्ज और अन्य शुल्क की जानकारी भी पहले से जरूर समझ लें।
बड़े काम आएंगे ये टिप्स
EMI भुगतान में न करें देरी- किसी भी दूसरे लोन की तरह Gold Loan की EMI समय पर चुकाना जरूरी है। अगर आप तय तारीख पर भुगतान नहीं करते हैं तो बैंक या लोन देने वाली संस्था आप पर पेनल्टी लगा सकती है। आपके दिए गए विवरण के मुताबिक, यह जुर्माना 2 से 3 फीसदी तक हो सकता है।
लगातार EMI मिस करने पर बढ़ सकती है पेनल्टी- अगर आप तीन से ज्यादा Gold Loan की EMI का भुगतान नहीं करते हैं, तो बकाया रकम के साथ पेनल्टी भी बढ़ सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले अपनी repayment capacity का आकलन जरूर कर लें।
लंबे समय तक भुगतान न करने पर सोना हो सकता है नीलाम- Gold Loan लेते समय जिन दस्तावेजों पर आप साइन करते हैं, उनमें लोन की शर्तें दर्ज होती हैं। आपके दिए गए विवरण के अनुसार, अगर करीब 90 दिनों तक लोन की EMI का भुगतान नहीं किया जाता, तो तय ग्रेस पीरियड के बाद लोन देने वाली संस्था बकाया रकम की वसूली के लिए गिरवी रखा सोना बेच सकती है। इसलिए डिफॉल्ट की स्थिति से बचना बेहद जरूरी है।
Processing Fee और Prepayment Penalty पहले जानें- Gold Loan लेते समय सिर्फ ब्याज दर पर ध्यान न दें। कई वित्तीय संस्थान Processing Fee भी लेते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा, लोन को समय से पहले चुकाने यानी Prepayment पर भी पेनल्टी लग सकती है। आपके दिए गए विवरण के मुताबिक, Processing Fee लोन की रकम की 0.5% से 2% तक हो सकती है। इसलिए आवेदन से पहले सभी चार्ज की जानकारी जरूर लें।



