
देश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी ने एक ऐसी राजनीतिक भविष्यवाणी कर दी है, जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। राहुल गांधी का दावा है कि अगले महज एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुर्सी जाने वाली है और उनकी विदाई तय है। इसके पीछे उन्होंने देश में गहराते आर्थिक और संवैधानिक संकट का हवाला दिया है।
देश में आने वाली है भयंकर आर्थिक सुनामी
राहुल गांधी बुधवार (3 जून, 2026) को राष्ट्रीय आदिवासी प्रोफेशनल्स कॉन्कलेव में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर बेहद डराने वाली चेतावनी दी। राहुल गांधी ने कहा कि देश में एक भयंकर आर्थिक सुनामी दस्तक दे रही है, जिसके बाद हर जरूरी चीज के दाम आसमान छूने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान का जो आर्थिक सुरक्षा तंत्र (प्रोटेक्शन सिस्टम) था, उसे भाजपा ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। उनके मुताबिक, देश जल्द ही एक ऐसी आर्थिक क्राइसिस यानी महामंदी का सामना करने जा रहा है, जो किसी ने अपने पूरे जीवन में नहीं देखी होगी और अब इसे रोकना नामुमकिन है।
सिस्टम के अंदर हो रहा है बड़ा विद्रोह!
अपनी इस बड़ी भविष्यवाणी के पीछे राहुल गांधी ने देश की बड़ी संस्थाओं के भीतर चल रहे कथित असंतोष का भी जिक्र किया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आज हिंदुस्तान के अंदर पूरी व्यवस्था के खिलाफ एक अंदरूनी विद्रोह (इंस्टीट्यूशनल रिवोल्ट) जैसी स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि चुनाव आयोग पूरी तरह सरकार के कंट्रोल में है, लेकिन सच यह है कि वह तीन साल पहले पूरी तरह कंट्रोल में था, अब नहीं। राहुल गांधी ने यहाँ तक दावा कर दिया कि खुद चुनाव आयुक्तों के मैसेज उनके पास आ रहे हैं। इसके साथ ही सीनियर जूडिशियरी (न्यायपालिका) और खुफिया एजेंसियों के बड़े अधिकारी भी अंदर ही अंदर इस व्यवस्था के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। वे हमें बता रहे हैं कि सिस्टम पर जो सरकार का कंट्रोल था, वह अब पूरी तरह ढह रहा है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब जनता को पता चलेगा कि चुनावों में गड़बड़ी हो रही है, तो क्या लोग चुप बैठेंगे?
‘नरेंद्र मोदी अब एक साल से ज्यादा पीएम नहीं रहेंगे’
राहुल गांधी ने मंच से खुलकर कहा कि देश की मौजूदा व्यवस्था और सिस्टम के भीतर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उनके बेटे, कैबिनेट मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तक के बारे में सारी जानकारियां उन तक लगातार पहुंच रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि मुमकिन है कि सरकार अब जनता के इस बढ़ते दबाव को दबाने के लिए देश में ‘इमरजेंसी’ (आपातकाल) जैसी सख्त चीजें भी लागू कर दे। राहुल गांधी ने कहा कि खुद पीएम मोदी को भी यह अच्छी तरह अहसास हो चुका है कि उनका पूरा सिस्टम हिल गया है। इसी आधार पर उन्होंने दावा किया कि उनके अंदाज़े से पीएम मोदी अगले एक साल के भीतर देश के प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।
आदिवासी समाज पर बीजेपी और आरएसएस को घेरा
इस राष्ट्रीय आदिवासी प्रोफेशनल कॉन्क्लेव के दौरान राहुल गांधी ने आदिवासी समुदाय की जमकर तारीफ की। उन्होंने आदिवासियों को भारत की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास की असली जड़ बताया। इसी के साथ उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस मिलकर एक सोची-समझी साजिश के तहत आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन के मूल अधिकारों से बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं।



