आजकल यूट्यूब खोलते ही सबसे पहले आपको ताई ची के कहर से होकर गुजरना पड़ता है. कई बार स्किप कर देते हैं, कई बार मन करता है देखें तो सही, आखिर क्या है कि 9 मिनट की वॉक में हीरोइन बना दे रहा है 6 पैक एब्स बने जा रहे हैं. वीडियो में फिजीक और फिगर की तारीफ होती है, तो पता चलता है कि इंसान 45 से 55 के बीच का है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वो बहुत धीमी गति से चल रहे हैं. हाथपैर और शरीर की मूवमेंट बहुत नॉर्मल है. कोई भारीभरकम एक्सरसाइज नहीं. वीडियो इतनी कम देर की एक्सरसाइज में आपको ड्रीम फिगर के सपने दिखाता है.

आखिर ये ताई ची वॉकिंग है क्या?
कोई एक्सरसाइज है, मेडिटेशन या फिर वॉक करने का कोई नया तरीका? या सोशल मीडिया पर दिख रहा नया ट्रेंड? हर सोशल प्लेटफॉर्म पर ताई ची के वीडियो देख 50 साल के वैभव ने ताई ची का सब्सक्रिप्शन ले ही लिया. 30 दिन के प्रोग्राम की कीमत 4500 रूपए थे. उन्होनें एक एप डाउनलोड की. एक्सरसाइज़ से पहले आपको अपनी उम्र बॉडी टाइप कोई खास मेडिकल प्रॉब्लब या कन्सर्न है. आपका फोकस क्या है ऐसी तमाम पर्सनल डीटेल देनी होती है. हर दिन की एक्सरसाइज एक तय वक्त पर ही अनलॉक होगी. वैभव कहते हैं फॉलो करते रहे तो ये बढ़िया है.
9 मिनट की वॉक से क्या सच में बदल जाएगी बॉडी?
ताई ची चीन की पारंपरिक मार्शल आर्ट है, जिसमें धीमी और नियंत्रित गतिविधियों के साथ सांसों और शरीर के संतुलन पर ध्यान दिया जाता है. लेकिन सोशल मीडिया पर इसे 9 मिनट में शानदार फिगर पाने के तरीके की तरह पेश किया जा रहा है. फिटनेस एक्सपर्ट कोम्पल कपूर गौर का कहना है कि इसे चमत्कारी नतीजे देने वाली एक्सरसाइज समझने के बजाय इसकी सही तकनीक और फायदे समझने चाहिए. टेक्नोलॉजी के दौर में हर कोई ऐसा शॉर्टकट चाहता है, जिससे कम समय में बेहतर नतीजे मिल सकें. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि 9 मिनट की वॉक का कोई फायदा नहीं है.
इस वॉक में तीन चीजें अहम हैं—फोकस, शरीर की नियंत्रित गतिविधियां और सांसों पर ध्यान. जब आप सिर्फ 9 मिनट वॉक करने का लक्ष्य रखते हैं, तो आपका ध्यान उस गतिविधि पर ज्यादा रहता है. इसमें आप अपने शरीर की मुद्रा पर ध्यान देते हैं. आपके कंधे, शरीर का संतुलन और चलने का तरीका नियंत्रित रहता है. जब आप सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया पर ध्यान देते हैं, तो आपका ध्यान वर्तमान पल पर केंद्रित होता है. इससे मन को शांत करने और तनाव कम महसूस करने में मदद मिल सकती है.
क्या एक्सरसाइज के भी आतेजाते हैं ट्रेंड?
जिम, कार्डियो, योग और पिलाटे के बाद अब ताइ ची चर्चा में हैं. पिछले 25 साल से ट्रेनिंग दे रही कोम्पल कपूर गौर कहती है कि हर एक्सरसाइज हर व्यक्ति के लिए एक जैसी कारगर नहीं होती. ट्रेंड को पूरी तरह खारिज नहीं करना चाहिए. कई बार ट्रेंड को फॉलो करना एक्सरसाइज शुरू करने का पहला कदम बन जाता है. बाद में वही बड़ी मोटिवेशन बन जाता है.
रिसर्च क्या कहती है?
स्विट्जरलैंड के मेडिकल जर्नल फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ में छपी रिसर्च बताती है ताई ची बुजुर्गों के बॉडी बैलेंस सुधारने और गिरने का खतरा कम करने में मदद कर सकती है. इसके स्लो और कंट्रोल्ड मूवमेंट बॉडी को स्टेबल रखने वाली मसल्स को एक्टिव करते हैं.
4050 की उम्र में ज्यादा उपयोगी?
फिटनेस एक्सपर्ट के मुताबिक, ताई ची उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो कम मूवमेंट वाली एक्टिविटी चाहते हैं 40 और 50 की उम्र में कई लोगों को अपने बच्चों के साथसाथ मातापिता की देखभाल भी करनी होती है. ऐसे में फिजिकल फिटनेस ही नहीं मेंटल बैलेंस भी चाहिए होता है.
किन बातों का रखें ध्यान?
ताई ची का सब्सक्रिप्शन लेने वाले वैभव बताते हैं कि सबसे पहले आपको सब्सक्रिप्शन लेते वक्त थोड़ा सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि पेमेंट डॉलर में जाती हैं और एप तमाम तरह की परमीशन भी मांगती है.
दूसरा एक्सरसाइज़ करते वक्त एक प्रैक्टिकल प्रॉब्लम ये आती हैं कि वीडियो आते हैं या तो आप उन्हें पॉज और ऑन कर कर के एक्सरसाइज़ करें लेकिन एकसाथ वीडियो जलते हुए कुछ मिस हो गया तो अगली एक्सरसाइज़ में दिक्कत होगी लेकिन इसका हल भी यही है कि आप वीडियो पहले एक बार देख लें और फिर साथ साथ एक्सरसाइज़ शुरू करें. और हां ये 9 मिनट से शुरू होती हैं लेकिन बाद में 30 से 40 मिनट तक के एक्सरसाइज़ वीडियो अपलोड होते हैं.
वायरल ट्रेंड अपनाने से पहले सावधानी
कोम्पल कपूर गौर सलाह देती हैं किसी भी वायरल फिटनेस ट्रेंड पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए. उसे अपनाने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह और सही मार्गदर्शन लेना जरूरी है.
ताई ची वॉकिंग 9 मिनट का चमत्कार नहीं है. खरगोश वाली कहानी सुनी ही है ना स्लो एंड स्टडी विन्स द रेस.



