Nepal Floods Update: से आई बाढ़ ने में 1300 से ज्यादा लोगों की जान ले ली। ताजा अपडेट के अनुसार नेपाल के दार्चुला में लैंडस्लाइड के बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी ​कर दिया है। तो वहीं त्रिशूली से 3 और भारतीयों का रेस्क्यू कर दिया गया है। आपको बता दें अब में 1300 लोगों की जान जा चुकी है। तो वीं 5 हजार लापता बताए जा रहे हैं।

Nepal में कुदरत का कहर, Darchula में भीषण Landslide

नेपाल के दार्चुला जिले के अपीहिमाल इलाके में शुक्रवार को हुए एक भयावह भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में गिरने से नदी की धारा रुक गई है, जिससे निचले… pic.twitter.com/FDtU16WFrj

— Bansal News Official September 5, 2026

नेपाल में लैंडस्लाइड के बाद निचले इलाकों में अलर्ट

नेपाल के दार्चुला जिले के अपीहिमाल इलाके में शुक्रवार को हुए एक भयावह के बाद चौलानी नदी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में गिरने से नदी की धारा रुक गई है, जिससे निचले तटीय इलाकों में अचानक बाढ़ आने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है और प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।

नेपाल में बीते दिनों हुई भीषण बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बाद स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जहां अब तक 1,300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय दूतावास और राहत एजेंसियां त्रिशूली सहित विभिन्न इलाकों से फंसे हुए लोगों और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।

बाढ़ की वजहों का पता लगा रहे विशेषज्ञ

भोटेकोशी आपदा के पीछे की वजहों को समझने के लिए नेपाल में जलवायु वैज्ञानिकों, पर्वतीय विशेषज्ञों और हिमनद विशेषज्ञों की टीमें अध्ययन कर रही हैं। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अचानक आई बाढ़ के पीछे प्राकृतिक परिस्थितियों के साथ की कितनी भूमिका रही। वहीं, नेपाल सरकार ने राहत सामग्री के वितरण के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था लागू की है। लोगों से मिलने वाली आर्थिक मदद को प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में जमा कराने की व्यवस्था भी की गई है।

26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने से आई थी बाढ़

संबंधित खबरें पढ़ें: 

 

खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती

नेपाल में राहत और खोज अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती खराब  है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में पहुंचना मुश्किल हो रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मलबे में दबे लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।