भारत के खिलाफ़ सीरीज़ हारने के बाद अफ़गानिस्तान के वनडे कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने 2022 में कप्तानी संभाली थी और वनडे वर्ल्ड कप व चैंपियंस ट्रॉफ़ी में टीम की अगुवाई की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए अपने फ़ैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने निजी कारणों से कप्तानी छोड़ने का फ़ैसला किया है। हालाँकि, 31 वर्षीय खिलाड़ी वनडे टीम में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे और टेस्ट क्रिकेट में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी जारी रखेंगे।
 

शाहिदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि आज मैं पूरे सम्मान और सहमति के साथ घोषणा करता हूँ कि मैं अपने निजी फ़ैसले से अपनी टीम के कप्तान के पद से इस्तीफ़ा दे रहा हूँ। वनडे कप्तान के तौर पर अपने कार्यकाल में, शहीदी ने 55 मैचों में अफ़ग़ानिस्तान की कप्तानी की और उनमें से 27 मैच जीते। शहीदी की कप्तानी में टीम का सबसे यादगार प्रदर्शन 2023 वर्ल्ड कप में रहा। अफ़ग़ानिस्तान ने इंग्लैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ जीत हासिल की। ​​वे टूर्नामेंट के आखिरी दौर तक सेमीफ़ाइनल की दौड़ में बने रहे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से मिली दिल तोड़ने वाली हार के कारण वे सेमीफ़ाइनल में जगह नहीं बना पाए; उस मैच में ग्लेन मैक्सवेल ने दोहरा शतक लगाया था।
उस टूर्नामेंट में शहीदी का एक शानदार प्रदर्शन भारत के ख़िलाफ़ रहा, जहाँ उन्होंने 88 गेंदों पर 80 रन बनाकर अफ़ग़ानिस्तान को 272 रन के स्कोर तक पहुँचाने में मदद की। हालाँकि, भारत ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान के तौर पर अपने समय को याद करते हुए, शहीदी ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए अपनी टीम के साथियों, कोचिंग स्टाफ़ और एडमिनिस्ट्रेटर्स का शुक्रिया अदा किया।
 

शहीदी ने कहा कि कप्तान के तौर पर यह ज़िम्मेदारी निभाना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपनी टीम के साथ ईमानदारी, एकता और कमिटमेंट के साथ काम किया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अल्लाह की कृपा और अधिकारियों, कोचों व खिलाड़ियों की कोशिशों से हमने कई जीत हासिल कीं, अहम मैच जीते, बड़ी टीमों को हराया और टीम का नाम रोशन किया। शहीदी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि उनकी कप्तानी में मिली कामयाबियाँ किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम की थीं।
 
For more updates and indepth coverage on cricket, visit at Prabhasakshi.