Dhanteras 2026 Gold Price: धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. साल 2026 में सोने की कीमतों में जबरदस्त उतारचढ़ाव देखने को मिला है. इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने के बाद सोने के भाव में काफी बड़ी गिरावट आई है. ऐसे में धनतेरस 2026 की खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के मन में एक ही सवाल है. सवाल ये कि क्या इस गिरावट में सोना खरीद लेना चाहिए या अभी दाम और नीचे जाएंगे?

ब्रोकरेज फर्म एक्सिस डायरेक्ट के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने के दाम अपने 2026 के पीक से 20 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं. महंगाई की चिंता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, दुनियाभर में चल रहे राजनीतिक तनाव के साथ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के चलते ये गिरावट आई है. हालांकि, कम समय के लिए बाजार में कमजोरी दिख रही है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स लंबे समय के लिए सोने पर पूरा भरोसा जता रहे हैं. उनका मानना है कि इस गिरावट ने लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार में एंट्री का रास्ता आसान कर दिया है. हालांकि, शॉर्टटर्म ट्रेडर्स को अभी कीमतों के उतारचढ़ाव से सावधान रहने की जरूरत है.
5 साल में तीन गुना हुआ निवेशकों का पैसा
पिछले पांच सालों में सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. दुनियाभर में आर्थिक अनिश्चितता, अलगअलग देशों के बीच तनाव, केंद्रीय बैंकों की तरफ से हुई सोने की खरीदारी के अलावा ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीदों से सोने को खूब फायदा मिला. एक्सिस डायरेक्ट के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2021 में घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव करीब 47,600 रुपये था. अक्टूबर 2026 के आखिर में धनतेरस से ठीक पहले ये बढ़कर करीब 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. यानी पांच साल में सोने ने करीब 200 फीसदी का सीधा रिटर्न दिया है. सालाना आधार पर देखें तो ये ग्रोथ 24.53 फीसदी बैठती है.
हालांकि, ये साल काफी उतारचढ़ाव भरा रहा है. मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के अनुसार, 18 अक्टूबर 2025 यानी पिछली धनतेरस पर 24 कैरेट रिटेल सोने का भाव करीब 1,30,860 रुपये प्रति 10 ग्राम था. धनतेरस 2026 से पहले ये कीमत 1,40,000 से 1,41,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रही. ये सालदरसाल के हिसाब से सिर्फ 7 से 8 फीसदी की बढ़त है. पांच साल के बंपर रिटर्न के मुकाबले इस साल की मामूली बढ़त साफ दिखाती है कि 2026 की तूफानी तेजी के बाद सोने में कितना बड़ा करेक्शन आया है.
इस धनतेरस क्या हो सोने में निवेश की रणनीति?
रिकॉर्ड ऊंचाई से भाव गिरने के बाद एक्सपर्ट्स का मानना है कि धनतेरस 2026 लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना जमा करने का एक अच्छा मौका हो सकता है. लेकिन ब्याज दरों, कच्चे तेल के दाम के अलावा वैश्विक घटनाओं को देखते हुए एक्सपर्ट्स एक साथ सारा पैसा लगाने से मना कर रहे हैं. एक्सिस डायरेक्ट का कहना है कि जिन निवेशकों से पिछली तेजी छूट गई थी, उनके लिए 20 फीसदी की ये गिरावट अपने पोर्टफोलियो में थोड़ाथोड़ा करके सोना जोड़ने का बेहतरीन मौका है.
ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, ऊंची ब्याज दरों की वजह से सोने में अभी कुछ उथलपुथल रह सकती है. लेकिन अगर आर्थिक हालात सुधरते हैं, तो अगली धनतेरस तक सोना 20 से 25 फीसदी का रिटर्न दे सकता है. एक्सिस डायरेक्ट ने अगली धनतेरस तक 10 ग्राम सोने के लिए 1,65,000 से 1,71,000 रुपये का टारगेट रखा है.
अगली धनतेरस तक 1.80 लाख जा सकता है भाव
एक्सिस डायरेक्ट में कमोडिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट देवेया गगलानी भी लंबे समय के लिए सोने को लेकर काफी पॉजिटिव हैं. उनका कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के चलते सोने में अभी 5 से 8 फीसदी की और गिरावट आ सकती है. लेकिन अगर दुनियाभर में तनाव कम होता है या महंगाई काबू में आती है, तो तस्वीर बदल सकती है. ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती शुरू कर सकता है, जो सोने की कीमतों को ऊपर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाएगा. गगलानी सलाह देती हैं कि निवेशक मौजूदा निचले स्तरों पर किस्तों में सोना खरीदना शुरू करें. उन्होंने अगली धनतेरस तक प्रति 10 ग्राम सोने के लिए 1,65,000 से 1,80,000 रुपये का टारगेट दिया है.
सट्टेबाजी का बुलबुला फूटा, अब निवेश का सही वक्त
दूसरी तरफ, मोनार्क पीएमएस के असिस्टेंट फंड मैनेजर ध्रुव जोगलेकर का मानना है कि सोने की कीमतों में आई इस तेज गिरावट ने बाजार से सट्टेबाजी के अतिरिक्त दबाव को खत्म कर दिया है. इस वजह से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर काफी आकर्षक हो गए हैं. मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के वैल्यूएशन मॉडल के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की सही कीमत 3,248 से 4,595 डॉलर प्रति औंस के बीच है, जिसका मध्य बिंदु 3,922 डॉलर बैठता है. अक्टूबर का करीब 3,870 डॉलर का निचला स्तर इसी अनुमानित दायरे के भीतर रहा. जोगलेकर ने साफ कहा कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ये धनतेरस बाजार में एंट्री का एक क्लासिक पॉइंट है. बाजार से सट्टेबाजी की हवा निकल चुकी है, जबकि सोने को सहारा देने वाले बुनियादी आर्थिक कारक अभी भी पूरी तरह मजबूत हैं.


