जम्मू में संवेदनशील सूचनाएं विदेशी खुफिया एजेंटों के साथ साझा करने के आरोप में एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में गांधी नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महिला पर आरोप है कि वह संवेदनशील सूचनाएं एकत्र कर विदेशी खुफिया ऑपरेटिव्स के साथ साझा कर रही थी. इनमें चीन से जुड़े खुफिया तत्व भी शामिल बताए जा रहे हैं.

पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने महिला से पूछताछ की है और फिलहाल उसे छोड़ दिया है. जांच के तहत महिला के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजा गया है. अब पुलिस को FSL की रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

किस तरह से जुटाए गए डॉक्यूमेंट, पुलिस कर रही जांच

फिलहाल मामले की जांच जारी है. महिला के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है. जांच के बाद ही कथित तौर पर साझा की गई संवेदनशील सूचनाओं और विदेशी खुफिया एजेंटों के साथ संपर्क से जुड़े पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

पुलिस की जानकारी में विशेष रूप से चीन और अन्य विदेशी देशों का जिक्र है. इसमें आरोप लगाया गया है कि संदिग्ध गतिविधियों के कारण रणनीतिक और ऑपरेशनल महत्व की जानकारी लीक हो सकती थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की उपलब्ध रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि किस तरह के दस्तावेज जुटाए गए, संदिग्ध विदेशी संपर्क कौन थे, और कितनी जानकारी ट्रांसफर की गई.

जांच से ये पता चलने की उम्मीद है कि क्या वास्तव में किसी सुरक्षित डॉक्यूमेंट या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तक पहुंच बनाई गई थी या उन्हें आगे भेजा गया था, इसमें किस तरह की जानकारी शामिल थी और क्या इस गतिविधि में कोई विदेशी खुफिया नेटवर्क शामिल था?

‘ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट’ की धारा 3 के तहत, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक जानकारी जुटाने या उसे साझा करने से जुड़े अपराध आते हैं. धारा 5 में सुरक्षित जानकारी को गलत तरीके से साझा करने, अपने पास रखने या उसके साथ छेड़छाड़ करने से जुड़े अपराध शामिल हैं.