
Hyderabad Burqa Woman Thief Arrested: काले रंग का बुर्का, चेहरे पर नकाब, हाथों में दस्ताने और पीठ पर हल्के नीले रंग का बैग. पहली नजर में यह किसी आम महिला की तरह दिखाई दे सकती थी, लेकिन पुलिस के मुताबिक, इसी भेष में एक महिला हैदराबाद के बंद घरों को निशाना बना रही थी. वह चोरी के दौरान अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनती थी, ताकि CCTV कैमरों में उसका चेहरा नजर न आए. ऑनलाइन चोरी के तरीके सीखकर उसने कथित तौर पर कई वारदातों को अंजाम दिया. हालांकि, एक घर में घुसने की कोशिश के दौरान वह कैमरे में कैद हो गई और आखिरकार पुलिक के हत्थे चढ़ गई.
पति को बिना बताए सीखी चोरी की तरकीबें
पुलिस ने 25 साल की महिला की पहचान पगा जया के तौर पर की है. आरोप है कि उसने अपने पति को जानकारी दिए बिना इंटरनेट के जरिए घरों में सेंध लगाने के तरीके सीखे थे. इसके बाद उसने बंद मकानों को निशाना बनाना शुरू किया. जया पांच चोरी के मामलों में शामिल थी. उसका कथित तरीका भी काफी सोचा-समझा था. वह ऐसे घरों की तलाश करती थी, जहां ताला लगा हो और परिवार के लोग बाहर गए हों. चोरी के दौरान वह बुर्का और दस्ताने पहनती थी, ताकि उसकी पहचान छिपी रहे और पुलिस को सुराग मिलना मुश्किल हो.
CCTV में कैद हुई बुर्के वाली महिला
जांच के दौरान CCTV फुटेज सामने आया, जिसमें महिला एक बंद घर का दरवाज़ा खोलने की कोशिश करती दिख रही है. उसने एक लंबा काला बुर्का पहना हुआ था, जिससे उसका सिर और चेहरा ढका हुआ था. उसने काले दस्ताने पहने हुए थे और हल्के नीले रंग का बैकपैक ले रखा था.
फुटेज में, वह काफी देर तक दरवाज़ा खोलने की कोशिश करती है, लेकिन नाकाम रहती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। फिर वह चली जाती है. पुलिस का कहना है कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए यह भेष बदला था.
iPhone 17 समेत 70 लाख रुपये का सामान बरामद
पुलिस ने आरोपी महिला के पास से सोने और चांदी के गहने, कैश और एक iPhone 17 बरामद किया. ज़ब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 70 लाख रुपये आंकी गई है. पुलिस का कहना है कि महिला ने कथित तौर पर अपनी शानदार लाइफस्टाइल को पूरा करने के लिए चोरी की थी.
इस बीच, पुलिस ने एक अलग मामले में नवीन नाम के एक आदमी को भी गिरफ्तार किया है. उस पर 20 दिनों के अंदर दस चोरियां करने का आरोप है. उसके पास से करीब 37 तोला (430 ग्राम) सोने के गहने बरामद किए गए. पुलिस अब दोनों मामलों की जांच कर रही है. वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपियों ने कितने क्राइम किए हैं और क्या उनका दूसरे चोरी के मामलों से कोई कनेक्शन है.



