Himachal Se: Weird Divorce Cases: आधुनिक जीवनशैली, वैचारिक मतभेद और अपनीअपनी शर्तों पर जिंदगी जीने की जिद ने आज के दौर में वैवाहिक रिश्तों को बेहद नाजुक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है. गाजियाबाद के परिवार परामर्श केंद्र से कुछ ऐसे ही हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं, जहां महज जींसटीशर्ट पहनने पर पाबंदी, इंस्टाग्राम रील बनाने की सनक और घूंघट प्रथा के विरोध जैसी वजहों से हंसतेखेलते परिवार बिखर गए. परामर्श केंद्र में आया पहला मामला बेहद अनोखा था, जिसमें एक महिला ने शादी के महज दो दिन बाद ही ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी.

‘ठीक है घूंघट करूंगी, मगर ये भी 24 घंटे…’, पति तो पति, पत्नी भी निकली जिद्दी, गाजियाबाद के दंपति में अजब-गजब विवाद​
‘ठीक है घूंघट करूंगी, मगर ये भी 24 घंटे…’, पति तो पति, पत्नी भी निकली जिद्दी, गाजियाबाद के दंपति में अजब-गजब विवाद​

भोजपुर की रहने वाली सुनीता की शादी एक साल पहले अलवर के विनय से हुई थी. सुनीता गृहिणी हैं और विनय एक निजी कंपनी में कार्यरत है. सुनीता का आरोप था कि ससुराल आते ही उस पर जबरन घूंघट करने का भारी मानसिक दबाव बनाया जाने लगा, जो उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सीधा हनन है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस रूढ़िवादी परंपरा का कड़ा विरोध करते हुए विवाहिता ने शर्त रख दी कि “यदि मैं हर वक्त घूंघट में रहूंगी, तो मेरा पति भी दिनरात शेरवानी पहनकर घूमे.”

काउंसलिंग सेंटर में कई दौर की सुनवाई के बाद भी दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े रहे और समझौता करने से साफ इनकार कर दिया. आखिरकार इस अनोखे विवाद की फाइल बंद कर मामला तलाक के लिए कोर्ट भेज दिया गया है.

जींसटीशर्ट पर पाबंदी और साड़ी का विवाद

एक अन्य मामले में शादी के महज एक हफ्ते बाद ही एक नवविवाहिता परामर्श केंद्र पहुंच गई. उसका आरोप था कि शादी से पहले वो नौकरी करती थी और वेस्टर्न कपड़े पहनती थी, लेकिन ससुराल आते ही उस पर मायके की तरह जींसटीशर्ट पहनने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई. उसे चौबीसों घंटे साड़ी पहनने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था. उसका पति भी एक निजी कंपनी में काम करता है. हालांकि, इस मामले में काउंसलर्स ने सूझबूझ दिखाई और दोनों पक्षों को समझाबुझाकर उनके बीच समझौता कराने में सफलता हासिल की.

इंस्टाग्राम रील बनाने की सनक से कलह

तीसरा मामला सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज से जुड़ा हुआ है, जहां एक परेशान पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. फैक्ट्री में काम करने वाले पति का आरोप था कि उसकी गृहिणी पत्नी दिनभर इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने में व्यस्त रहती है, जिससे घर की प्राइवेसी और पारिवारिक शांति पूरी तरह भंग हो चुकी है. इतना ही नहीं, वह पूरा दिन मायके में वीडियो कॉल पर व्यस्त रहती है. इस कपल की शादी को तीन साल हो चुके हैं और उनका एक साल का बच्चा भी है. बच्चे के भविष्य को देखते हुए काउंसलर्स ने दोनों को समझाया, जिसके बाद पत्नी ने अपनी आदत सुधारने का वादा किया और मामला शांत हुआ.

लाइफस्टाइल और अनुशासन ने कराया तलाक

वसुंधरा इलाके का एक चौथा मामला पूरी तरह से लाइफस्टाइल और वैचारिक मतभेद से जुड़ा था. यहां एक पढ़ालिखा जोड़ा, जिसमें पति और पत्नी दोनों ही आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, शादी के महज डेढ़ साल बाद ही अलग होने की कगार पर पहुंच गया. विवाद की वजह बेहद छोटी थी; पति को देर रात तक जागने और सामान को अव्यवस्थित रखने की आदत थी, जबकि पत्नी कड़े अनुशासन और अत्यधिक स्वच्छता की मांग कर रही थी.

इस लाइफस्टाइल क्लैश के कारण दोनों के बीच दूरियां इतनी बढ़ गईं कि उन्होंने काउंसलिंग के बाद भी समझौता करने से मना कर दिया और कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी. काउंसलर्स का कहना है कि इन दिनों कपल्स के बीच सहनशीलता की कमी और आधुनिक जीवनशैली के चलते ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.