: प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद वृंदावन में मामला लगातार चर्चा में है। 25 सितंबर को दीपक ने गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। घटना के CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला और गरमा गया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद कुछ परिवारों ने अपने परिजन की गुमशुदगी को लेकर केलि कुंज आश्रम के बाहर प्रदर्शन भी किया। अब प्रेमानंद महाराज के आश्रम छोड़कर बेलवन जाने को लेकर अलगअलग संत अपनी बातें रख रहे हैं।

2 गुटों में बंटने का दावा
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी का दावा है कि केलि कुंज छोड़कर करीब 20 किलोमीटर दूर बेलवन आश्रम चले गए हैं। उनका कहना है कि आश्रम में दो गुट बन गए थे। एक तरफ पुराने और असली संत थे, जबकि दूसरे गुट पर उन्होंने जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े काम करने के आरोप लगाए।
15 आश्रमों पर कब्जे का आरोप
दिनेश शर्मा ने दावा किया कि बाहरी लोगों ने करीब 15 आश्रमों पर कब्जा कर रखा है। उनके मुताबिक इसी माहौल से काफी दुखी थे और उनके साथ कई संत भी बेलवन चले गए हैं।
साध्वी ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
मथुरा की साध्वी इंदुलेखा ने भी आश्रम का माहौल खराब होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व प्रेमानंद महाराज की छवि खराब कर रहे हैं और उनकी आड़ में जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। साध्वी ने यह भी कहा कि महाराज को खतरा हो सकता है, इसलिए उनकी सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए।
CBI जांच की मांग
महामंडलेश्वर राधानंद गिरि ने कहा कि कोई बड़ी बात जरूर हुई होगी, तभी प्रेमानंद महाराज आश्रम छोड़कर यमुना पार रहने चले गए। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग संतों की आड़ में धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की पहचान कर मामले की CBI जांच कराने की मांग की।
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दीपक लोधी की मौत के बाद बढ़ा विवाद
पूरे मामले की शुरुआत 25 सितंबर को दीपक लोधी की मौत के बाद हुई। आश्रम प्रबंधन ने घटना की जांच में सहयोग की बात कही थी और बताया था कि इस घटना से प्रेमानंद महाराज काफी आहत हैं। अब उनके बेलवन जाने को लेकर संतों के दावों ने विवाद को और बढ़ा दिया है।



