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बारिश और बदलते मौसम के साथ सांपों के घरों और रिहायशी इलाकों में पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में सांप के काटने की घटना किसी के साथ भी हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सांप का काटना अब भी एक गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला जनस्वास्थ्य संकट है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2025 में देश में सांप के काटने के 1,40,302 मामले दर्ज हुए और 429 मौतें सामने आईं. इनमें 74 फीसदी मामले सिर्फ सात राज्यों से थे. विश्व स्वास्थ्य संगठन भी सांप के जहर से होने वाली समस्या को एक उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी मानता है.

2023 से लगातार बढ़े सांप के काटने के मामले

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2023 में सांप के काटने के 86,294 मामले दर्ज हुए थे. 2024 में यह संख्या बढ़कर 1,20,982 और 2025 में 1,40,302 हो गई. 2025 में पश्चिम बंगाल में 27,471 और कर्नाटक में 16,805 मामले दर्ज हुए, जबकि तमिलनाडु में 15,837 मामले सामने आए. रिपोर्ट के अनुसार 2025 में दर्ज मौतों में कर्नाटक की हिस्सेदारी 37% रही.

सांप काटे तो घबराएं नहीं शरीर को रखें स्थिर

स्वास्थ्य सलाहकारों के अनुसार, सांप के काटने के बाद सबसे जरूरी है कि पीड़ित को शांत रखें और ज्यादा चलने-फिरने न दें. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। काटे गए हिस्से को स्थिर रखना चाहिए और व्यक्ति को जल्द से जल्द ऐसे अस्पताल ले जाना चाहिए, जहां सांप के जहर के इलाज की सुविधा उपलब्ध हो. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी तुरंत चिकित्सा सहायता लेने को सबसे अहम कदम बताता है.

न काटें घाव न मुंह से जहर निकालें

— Public Health & Medical Education Department, MP (@healthminmp) September 12, 2026

बता दें कि सांप के काटने के बाद घाव को चाकू या ब्लेड से काटना, जहर चूसने की कोशिश करना, घाव पर जड़ी-बूटी या कोई रसायन लगाना और कसकर रस्सी या कपड़ा बांधना खतरनाक हो सकता है. भारत सरकार की मानक उपचाार गाइडलाइन भी इन तरीकों से बचने की सलााह देती है. अगर आपके साथ या परिवार में किसी के सााथ ऐसी घटना हो जाती है तो बिना देरी करें आप मरीज को सीधे अस्पताल लेकर पहुंचे.

घर और आसपास इन बातों का रखें ध्यान

🐍⚠️ सर्पदंश एक गंभीर आपात स्थिति हो सकती है। इससे बचाव के लिए सतर्कता और सावधानी बेहद ज़रूरी है। साँपों से सुरक्षित रहने के लिए इन दिशा-निर्देशों का पालन करें। 🛑✅

Snakebite prevention tips | How to avoid snakebite | Snakebite safety guidelines#SnakebiteAwarenesspic.twitter.com/fLuV6hGxlK — NHM UP (@nhm_up) July 21, 2025

दीमक की ढेर, गड्डों और चूहों के बिलों से दूर रहें. रात में जमीन पर सोते समय सावधानी बरतें. घर में चूहों को आने से रोकने के उपाय करें. सूखी पत्तियां, लकड़ी, तिनके व घास-चारे के आसपास सावधानी बरतें. इसके अलावा, सांप के काटने से बचाव के लिए घर के आसपास घास और कूड़ा जमा न होने दें. रात में बाहर निकलते समय रोशनी का इस्तेमाल करें और ऐसे स्थानों पर जूते पहनें जहां सांप होने की आशंका हो. घर में सामान रखने की जगह साफ रखें और सोते समय मच्छरदानी को अच्छी तरह लगााएं. डब्ल्यूएचओ भी घर और आसपास के वातावरण को साफ रखने को बचाव का अहम हिस्साा मानता है.

सांप काटने के बाद कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?

अक्सर देहात और कस्बों में लोग पुरानी गलत धारणाओं में फंस जाते हैं, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ जाती है.

एंटी-स्नेक वेनम ही प्रभावी उपचार

अगर सांप के काटने का संदेह हो तो घरेलू नुस्खों के भरोसे समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए. जहरीले सांप के काटने पर उचित एंटी-स्नेक वेनम यानी विषरोधी दवाा ही जहर के प्रभाव को रोकने या उलटने का प्रभावी उपचार है.