Sonam Wangchuk Hunger Strike CJP Protest: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने एक्स पोस्ट के जरिए अपना अनशन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। हालांकि इसके लिए उन्होंने सरकार के सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं। वांगचुक का उनका कहना है कि अगर सरकार ने उनकी तीन शर्तों में से कोई एक शर्त भी मान लेती है तो वे अपना अनशन तोड़ देंगे।

वांगचुक ने एक्स पर लिखा

WHEN WILL I END THE FAST….!
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T

— Sonam Wangchuk July 20, 2026

वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने का ऐलान करते हुए एक्स पर लिखा, ‘…मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा, अगर.’

उन्होंने अपनी पहली शर्ते रखते हुए सरकार से मांग की कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले, या मैं और CJP की लीडरशिप संसद तक पहुंचें, जहां अलगअलग पार्टियों के सांसद और नेता हमें भरोसा दिलाएं कि वो अब संसद में ये मुद्दा उठाएंगे, अगर मेरी सेहत या दूसरी वजहों से ऐसा करना मुमकिन न हो तो अलगअलग पार्टियों के सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर ऊपर बताया गया भरोसा दिलाएं।

सफदरजंग अस्पताल पर गंभीर सवाल 

उन्होंने मांग की कि सफदरजंग अस्पताल में अपनी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए लिखा है कि वह इस वक्त अस्पताल में अवैध हिरासत का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, अस्पताल परिसर के अंदर उनकी आवाजाही की आजादी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोगों से बातचीत व संचार करने के अधिकारों को प्रशासन द्वारा पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

गीतांजलि अंगमो का बड़ा ऐलान

28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने उनकी भूख हड़ताल खत्म करने को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक नेता सफदरजंग अस्पताल में उनसे मिलते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि संसद के मानसून सत्र में शिक्षा की जवाबदेही का मुद्दा उठाया जाएगा, तो वांगचुक सोमवार को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे।

सोनम वांगचुक भूख हड़ताल time लाइन

28 जून 2026

वांगचुक ने NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के आंदोलन के समर्थन में जंतरमंतर पर आमरण अनशन शुरू किया।

9 जुलाई 2026

तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दखल दिया और अधिकारियों को वांगचुक की सेहत की रोजाना निगरानी करने के निर्देश दिए।

16 जुलाई 2026

डॉक्टरों ने बताया कि वांगचुक का 9 किलो से ज्यादा वजन घट चुका है और लंबे उपवास के कारण अब ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ गया है।

17 जुलाई 2026

24 घंटे में वांगचुक का वजन 350 ग्राम और घटकर 56.55 किलो रह गया। अब तक उनका करीब 9.5 किलो वजन कम हो चुका है।

18 जुलाई 2026

दिल्ली पुलिस सुबह जंतरमंतर पहुंची और वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई।

19 जुलाई 2026

वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। प्राइवेट हॉस्पिटल भेजने की मांग खारिज हुई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह अभियंता सोनम वांगचुक के अनशन का दूसरा दिन था।

20  जुलाई 2026

तीन शर्तों के साथ भूख हड़ताल खत्म करने की मांग सोनम वांगचुक ने रखी।

CJP Protest: