फ्रांस में प्रदर्शन हिंसक हो गया है. विरोध और कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास ने भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है. प्रदर्शन वाली जगहों और भीड़भाड़ से दूर रहने की सलाह दी है. प्रदर्शन के बीच नया नारा चर्चा में है. प्रदर्शनकारियों की तख्ती पर लिखी लाइन बिस्मिल्लाह से ले तेनैब्रे दुनियाभर के लोगों का ध्यान खींच रही है. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह लाइन स्नैपचैट के मैसेज से निकली है, जिसे किसी अंडरकवर पुलिस अधिकारी ने भेजा था.

प्रदर्शनकारी इस लाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इसका मकसद पुलिस की नस्लीय सोच का मजाक उड़ाना है.
इस नारे का क्या मतलब है?
बिस्मिल्लाह अरबी भाषा का शब्द है जिसका मतलब है अल्लाह के नाम पर, यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल मुसलमान कोई काम शुरू करने से पहले करते हैं. फ्रेंच स्लैंग में, इसका असली मतलब कुछ हद तक ‘खो गया है’, और यह चलो करते हैं जैसा हो गया है.
C’est les ténèbres का मतलब है यह अंधेरा है, यह नारा ऐसे हालातों की ओर इशारा करता है जो काफी निराशाजनक है. इसलिए इस नारे का अनुवाद ईश्वर के नाम पर, यह अंधकार है के रूप में किया गया है, जो खुद में कई स्पष्ट या खास संदेश नहीं देता है. अब सवाल है कि यह नारा कहां से आया.
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह लाइन स्नैपचैट के मैसेज से निकली है,
कहां से आया नारा?
अक्टूबर की शुरुआत में स्नैपचैट पर हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट वायरल होने लगा था. इसमें मामादौ नाम का एक यूजर ग्रुप में शामिल होने की रिक्वेस्ट करते हुए कहता है: हे, भगवान के नाम पर, यह अंधेरा है. ब्लॉकेड कब है, वल्लाह, ब्रो?
मैसेज में अल्जीरियाई झंडे वाले इमोजी भी थे. स्टूडेंट्स का कहना है कि यह मैसेज अंडरकवर पुलिस ऑफिसर्स ने भेजा था, जो अरबी और स्लैंग का अजीब मिक्स इस्तेमाल करके उनकी चैट में घुसने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, न तो इस दावे को वेरिफाई किया गया और न ही फ्रेंच अधिकारियों ने कोई आधिकारिक स्टेटमेंट जारी किया गया.
फ्रांस में विरोध प्रदर्शन.
पेरिस के मेडिटेरेनियन सोशियोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर यूसुफ एल चाजली का कहना है, यह बात स्टीरियोटाइप से भरे पुलिसवालों की छवि को मजबूत करती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसी घिसीपिटी सोच ज्यादातर अरब और अफ्रीकी मूल के युवाओं को टारगेट करती है. यह एक और उदाहरण लगता है कि सरकारी एजेंसियां मौजूदा आंदोलन से कितनी दूर हैं.
यह नारा नस्लीय सोच का मजाक उड़ाने के लिए कार्डबोर्ड प्लेकार्ड पर छपा है और यह इस बात का प्रतीक है कि अधिकारी युवाओं की असलियत से कैसे अनजान हैं.
इटली से बेल्जियम तक फैल गया
यह नारा इटली और बेल्जियम तक फैल गया है, जहां वीकेंड पर रहने के महंगे खर्च और खराब शिक्षा को लेकर फ्रांस के जैसे ही विरोध प्रदर्शन हुए. अलजजीरा की रिपोर्ट में एल चाजली कहते हैं, सटायरिकल मीम्स और इंटरनेट ट्रेंड्स, प्रोटेस्ट के दौरान पॉलिटिकल शिकायतें बताने के टूल बन गए हैं, जो ट्रेडिशनली इन्वेंटिव और क्रिएटिव रहे हैं.



